बाल दिवस पर शारीरिक दंड के 2 मामले
पहला मामला एक पादरी का है, जो अलाप्पुझा जिले में एक विद्यालय में उप प्रधानाचार्य है। पादरी को पहली कक्षा के कुछ छात्रों को पीटने के मामले में गिरफ्तार किया गया है।
उप निरीक्षक देवपालन नैय्यर ने आईएएनएस को रविवार को बताया, "एक अभिभावक ने शुक्रवार को उप प्रधानाचार्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। बातचीत करते हुए पाए जाने पर उसने पहली कक्षा के बच्चों को घुटने के बल खड़ा होने को कहा था।"
उन्होंने बताया, "बाल न्याय अधिनियम के तहत यह अपराध है। पादरी को बाद में जमानत मिल गई।"
दूसरा मामला कक्षा 10वीं के एक छात्र का है। जिसे उप प्रधानाचार्य ने मूंछ न बनवाने पर बेंत से पिटाई की और इसकी वजह से उसे अस्पताल में भर्ती करना पड़ा था।
छात्र के पिता शाहजहां ने कहा कि उप प्रधानाचार्य उनके बेटे की अक्सर पिटाई करती रहती है।
शाहजहां ने कहा, "कोल्लम जिले के चावरा पुलिस थाने में हमने उप प्रधानाचार्य के खिलाफ मामला दर्ज कराया है। उसके खिलाफ मामले को गंभीर न बनाने के लिए हमारे ऊपर दबाव डाला जा रहा है।"
उन्होंने बताया कि स्कूल प्रशासन ने बेशर्त माफी मांगने का वादा किया है। हम शिकायत वापस ले सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications