राजा मामले पर कोई भी बयान संसद में देंगे : प्रणब (लीड-1)
नई दिल्ली में एक समारोह से इतर संवाददाताओं से बातचीत के दौरान मुखर्जी ने 2जी स्पेक्ट्रम मामले में राजा की संलिप्तता के संबंध में कुछ भी टिप्पणी करने से इंकार कर दिया। उन्होंने कहा कि उन्हें जो कुछ भी कहना है वह संसद में कहेंगे।
इससे पहले इस मामले पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ बैठक की।
कांग्रेस नेताओं की यह अनौपचारिक बैठक संसद भवन में हुई। नेताओं ने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू के जन्म दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि देने के बाद बैठक की। सूत्रों के मुताबिक इस बैठक में केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी और सोनिया गांधी के राजनीतिक सचिव अहमद पटेल भी शामिल हुए।
कांग्रेस सूत्रों ने बताया कि इस बैठक में यह राय थी कि राजा को मंत्रिमंडल में रहने देने का फैसला द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (डीएमके) पर छोड़ देना चाहिए। पार्टी आलाकमान ने राजा के उस बयान पर भी विचार किया जिसमें उन्होंने कहा था कि मोबाइल नम्बर पोर्टबिलिटी के प्रस्तावित प्रावधान को लेकर विरोधी खेमा उन्हें निशाना बना रहा है।
2जी स्पेक्ट्रम घोटाले को लेकर विपक्ष राजा के इस्तीफे की मांग पर अड़ा हुआ है। इसी वजह से संसद के शीतकालीन सत्र के शुरुआती तीन दिनों में कोई कार्यवाही नहीं हो सकी।
दूसरी ओर दूरसंचार मंत्री राजा के खिलाफ दायर याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय सोमवार को सुनवाई करेगा। स्वयंसेवी संगठन सीपीआईएल और सुब्रह्मण्यम स्वामी द्वारा दायर इस याचिका पर न्यायमूर्ति जी. एस. सिंघवी और ए. के. गांगुली की खंडपीठ में सुनवाई होगी।
राजा कांग्रेस की सहयोगी डीएमके के सांसद हैं। उन पर आरोप है कि उन्होंने वित्त और कानून मंत्रालय के सुझावों को ताक पर रखते हुए 2जी स्पेक्ट्रम का आवंटन किया। इससे सरकार को 170,000 करोड़ रुपये की चपत लगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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