लोकतंत्र की लड़ाई जारी रहेगी : सू ची (लीड-1)
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के लिए उनका प्रयास जारी रहेगा और इसके लिए वह किसी से भी बात करने को तैयार हैं।
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार यंगून में नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) मुख्यलाय के बाहर अपने हजारों समर्थकों को संबोधित करते हुए 65 साल की सू ची ने कहा, "हम सभी को मिलकर काम करना है।"
सूची को यहां की सैन्य सरकार ने शनिवार को वर्षो बाद रिहा किया। उनके बाहर आने के बाद एनएलडी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह है। यह उत्साह इस विशाल जनसभा में भी दिखा। भीड़ में मौजूद लोग यह कहते देखो गए कि 'सू ची, हम आपसे बहुत प्यार करते हैं।'
इस सभा के आसपास कोई सुरक्षाकर्मी नहीं दिखा। परंतु सभा के दूसरी ओर कुछ दूरी पर एक इमारत में सैनिक मौजूद थे। सुरक्षा अधिकारी इस सभा की तस्वीरें लेते देखे गए। नोबेल शांति पुरस्कार से नवाजी गई इस नेता ने कहा कि वह अपने भविष्य की कोई योजना बनाने से पहले लोगों से बात करेंगी।
उन्होंने कहा, "मैं उन सभी लोगों से बात करने को तैयार हूं जो देशहित और लोकतंत्र के लिए काम करने के इच्छुक हैं। राष्ट्रीय स्तर का सुलह का मतलब मतभेदों की स्वीकारोक्ति भी है।"
सात नवम्बर को हुए चुनाव और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर हुई किरकरी के बाद सैन्य सरकार ने सू ची को रिहा किया। चुनावों की निष्पक्षता पर पूरी दुनिया ने सवाल खड़े किए।
सू ची ने कहा कि उन्हें वर्षो तक नजरबंद रखा गया लेकिन सैन्य सरकार को लेकर उनके भीतर कोई दुर्भावना नहीं है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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