लंबित मामलों का निपटारा 3 वर्ष के भीतर : मोइली
गुवाहाटी उच्च न्यायालय की अगरतला खंडपीठ के नए भवन का उद्घाटन करने के बाद मोइली ने कहा, "केंद्र सरकार न्यायिक सुधार के लिए कदम उठाने के अलावा नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी की मदद से देशभर के न्यायालय प्रशासन का आधुनिकीकरण करने जा रही है।"
उन्होंने कहा, "निचली अदालतों में लंबित सभी मामलों का निपटारा छह माह के भीतर करने के लिए ग्राम न्यायालय (ग्रामीण अदालतों) का गठन किया जाएगा। साथ ही पिछले वर्ष अक्टूबर में देशभर में चलायमान न्यायालय प्रणाली शुरू की गई।"
मोइली ने कहा, "ग्रामीण अदालत और चलायमान न्यायालय कानूनी विवादों के निपटारे की दिशा में सार्थक कदम साबित होंगे। नई प्रणाली से निचली अदालतों में लंबित लगभग 50 फीसदी मामलों में कमी आने की उम्मीद है।"
उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार ने नक्सल प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
मोइली ने कहा, "केंद्र ने गरीबों, जनजाति एवं आर्थिक रूप से पिछड़े लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के लिए राज्य सरकार के सहयोग से कई पहल की हैं।"
केंद्रीय विधि मंत्री ने कहा कि त्रिपुरा में कुछ ही माह के भीतर उच्च न्यायालय की स्थापना के लिए आवश्यक प्रक्रिया शुरू की गई है।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार जो राज्य के विधि मंत्री भी हैं, ने कहा कि न्यायपालिका में तेजी से फैल रहे भ्रष्टाचार पर रोक लगनी चाहिए।
गुवाहाटी उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश मदन बी. लोकुर ने कहा कि उच्च न्यायालय की अगरतला खंडपीठ में नवीनतम सूचना प्रौद्योगिकी का प्रयोग किया जाएगा। इस दृष्टि से यह देश की पहली अदालत होगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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