जर्मन कारों के बचाव में उतरे राजदूत
जयराम रमेश ने शुक्रवार को यहां संयुक्त राष्ट्र के एक कार्यक्रम में कहा था कि लोगों को जर्मनी की महंगी गाड़ियों और अत्यधिक ईंधन उपयोग करने वाले स्पोर्ट्स यूटिलिटी वेहिकल (एसयूवी) खरीदने के लिए प्रोत्साहित नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा था कि भारत में बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज बेंज की महंगी गाड़ियां चलाना एक 'आपराधिक कृत्य' है।
रमेश के बयान पर आपत्ति जताते हुए जर्मनी के राजदूत थोमस एम. मतुसेक ने एक बयान में कहा कि यह सोचना काफी कठिन है कि उन्होंने जर्मन कारों के संदर्भ में ऐसी बात कही।
राजदूत ने कहा कि जर्मनी की कार कम्पनियों ने कार्बनडाइऑक्साइड उत्सर्जन में कटौती करने में उल्लेखनीय योगदान किया है और वह अपनी गाड़ियों की इंजन में नई पीढ़ी की ईंधन क्षमता मानक का इस्तेमाल करती हैं।
रमेश ने कहा था कि इन गाड़ियों का निर्माण अभी भी इसलिए हो रहा है क्योंकि ये सब्सिडी दर पर बेचे जा रहे डीजल पर चलती हैं। जिससे बीएमडब्ल्यू, बेंज और होंडा जैसी कारों के मालिकों को फायदा होता है।
रमेश ने सुझाव दिया था कि इन कारों पर अतिरिक्त शुल्क लगाया जाना चाहिए। इन गाड़ियों में ईंधन किफायती मानकों का इस्तेमाल अनिवार्य किया जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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