परिवहन उत्सर्जन घटाएगा भारत
संयुक्त राष्ट्र, 13 नवंबर (आईएएनएस)। दुनिया में सर्वाधिक ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन के मामले में चौथा स्थान रखने वाले, भारत ने उत्सर्जन घटाने और एक निम्न कार्बन परिवहन प्रणाली विकसित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र की मदद से एक नई परियोजना शुरू की है।
नई दिल्ली सरकार, संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (यूएनईपी) और जर्मनी के गैर सरकारी संगठन, 'इंटरनेशनल क्लाइमेट इनीसिएटिव' के साथ मिल कर जलवायु परिवर्तन के अपने एजेंडे की तर्ज पर देश के परिवहन विकास के लिए 25 लाख डॉलर की तीन वर्षीय परियोजनाओं पर काम करेगी।
यूएनईपी ने एक बयान में कहा है कि दुनिया में दूसरी सबसे बड़ी आबादी वाला देश होने के बावजूद भारत का प्रति व्यक्ति उत्सर्जन का अनुपात वैश्विक औसत से कम है।
वर्ष 2007 में भारत में उत्सर्जन का 13 प्रतिशत हिस्सा परिवहन क्षेत्र से था। आबादी में वृद्धि, निजी वाहनों की संख्या में तेजी के साथ वृद्धि और माल ढुलाई व यात्री क्षेत्र में रेल के बदले सड़क परिवहन के इस्तेमाल के कारण उत्सर्जन में वृद्धि का अनुमान है।
यह परियोजना जलवायु परिवर्तन पर एक राष्ट्रीय कार्य योजना (एनएपीसीसी) का हिस्सा है और इसमें प्रमुख भारतीय शहरों के लिए निम्न कार्बन उत्सर्जन वाली परिवहन योजनाएं तैयार किया जाना शामिल है।
यूएनईपी ने कहा है कि भारतीय अधिकारियों ने आशा व्यक्त की है कि यह परियोजना अन्य विकासशील देशों के लिए भी अपनी परिवहन प्रणालियों को विकसित करने के प्रयास में प्रेरक के रूप में काम करेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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