आस्था का महापर्व छठ सम्पन्न (लीड-1)

नई दिल्ली/पटना, 13 नवंबर (आईएएनएस)। लोक आस्था का महापर्व छठ व्रतियों द्वारा शनिवार को कार्तिक शुक्ल सप्तमी की सुबह उदीयमान सूर्य को अघ्र्य अर्पित करने के साथ ही सम्पन्न हो गया। बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश, दिल्ली सहित देश के अन्य भागों में इस मौके पर श्रद्धालुओं ने उदीयमान भगवान सूर्य को अघ्र्य अर्पित किया। शुक्रवार को व्रतियों ने छठ मैया की पूजा-अर्चना करने के साथ ही डूबते सूर्य को अघ्र्य दिया था।

बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में यह पर्व अपार भक्ति और श्रद्धा के साथ मनाया गया। संतान और जीवन के प्रत्यक्ष देवता भगवान सूर्य की उपासना की जाती है। व्रती 36 घंटे से भी अधिक समय तक निर्जला व्रत रखकर छठी मैया का आर्शीवाद के लिए कठिन उपक्रम करते हैं।

पर्व के पहला दिन 'नहाय खाय' से शुरू हुआ यह पर्व शुक्रवार शाम अपनी रंगत में दिखा। नदियों, तालाबों और घाटों पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई। संगीत और भक्ति पूर्ण गीतों से वातावरण भक्ति के सागर में डूब गया था। पारंपरिक परिधानों में सजी महिलाओं ने 'बहंगी' को श्रद्धा और भक्ति से सजाया था। बांस से बने डेंगची और सूप में नारियल, मेवा, हल्दी, ठेकुआ और अन्य पूजा सामग्रियां विशेष रूप से शोभित हो रही थीं।

नदी के तटों और तालाबों के घाटों पर व्रतियों ने शुक्रवार को पानी में खड़े होकर अस्ताचलगामी भगवान सूर्य को अघ्र्य अपिर्त किया था। अघ्र्य की यही प्रक्रिया शनिवार सुबह भी अपनाई गई। चार दिनों तक चलने वाले इस छठ पर्व की विशेष पूजा के लिए राजधानी में यमुना नदी के घाटों को विशेष तौर पर सजाया गया था। राष्ट्रीय राजधानी में बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखण्ड के करीब 50 लाख लोग रहते हैं।

दिल्ली सरकार का कहना है कि इस पर्व के लिए यमुना किनारे के करीब 40 घाटों की साफ-सफाई की गई और वहां पूजा के लिए कई इंतजाम किए गए। यहां रहने वाले पूर्वाचल के लोगों की संख्या को देखते हुए इस साल छठ पूजा के लिए अधिक घाट तैयार किए गए, जबकि पिछले साल 28 घाटों पर ही यह पूजा हुई थी। आईटीओ ब्रिज, कोंडली ब्रिज, चिल्ला गांव, कालिंदी कुंज, उस्मानपुर, प्रेमबाड़ी ब्रिज, नरेला नहर, बादली नहर सहित कई स्थान छठ पूजा संपन्न हुई।

दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने बताया कि घाटों पर पानी, बिजली, तम्बू, कुर्सियां और चलित शौचालयों की व्यवस्था की गई। एक अधिकारी ने बताया, "सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए। किसी भी आकस्मिक घटना से निपटने के लिए पुलिसकर्मी, गोताखोर और नावों की व्यवस्था की गई। घाटों पर डॉक्टर, चलित औषधालय और एम्बुलेंस भी मौजूद थी।"

उधर, पटना के गंगा घाटों पर तथा औरंगाबाद के प्रसिद्घ देव मंदिर के पास तालाब में लाखों छठ व्रतियों ने उगते हुए भागवान भास्कर को अघ्र्य दिया। इसके अलावा राज्य के सभी क्षेत्रों से ष्षांतिपवूर्वक एवं भक्तिभाव से छठ पूजा संपन्न होनी की सूचना मिल रही है।

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का सरकारी आवास तथा पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के सरकारी आवास पर भी छठ पर्व भी धूमधाम से मनाया गया। पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने जहां खुद छठ पर्व किया वहीं नीतीश आवास पर उनकी भाभी समेत कई रिश्तेदारों ने छठ पर्व किया।

गंगा तट के कलेक्टेरिएट घाट, महावीर घाट, भद्र घाट, गाय घाट समेत कई घाटों पर स्वयंसेवी संस्थाओं द्वारा भी व्रतियों की सुविधा के लिए पूरी व्यवस्था की गई थी। छठ पर्व के मद्देनजर पटना की सभी सड़कें साफ सुथरा किया गया था तथा पूरे पटना को सजा दिया गया था। छठ पूजा को लेकर गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। गंगा घाटों पर शांति-व्यवस्था रखने के लिए जिला प्रशासन की ओर से गश्ती की जा रही थी।

पटना में जिला प्रशासन के आदेश के बाद छठ पूजा तक गंगा में आम नावों का परिचालन पूरी तरह बंद रहा। नावों पर अद्र्घसैनिक बल के साथ दंडाधिकारी गष्ती करते देखे गये। भी घाटों पर गोताखोरों की भी तैनात किया गया था।

उल्लेखनीय है कि गुरुवार को व्रतियों ने 'खरना' का व्रत रखकर शाम को गुड़ की खीर, रोटी और फल का प्रसाद चढ़ाकर पूजा करके परिजनों के साथ प्रसाद ग्रहण किया था। इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला व्रत प्रारंभ हुआ था। शनिवार को भगवान सूर्य को अघ्र्य देने के बाद व्रतियों ने अन्न-जल ग्रहण किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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