कनाडा के उपभोक्ताओं को लुभाएंगे भारतीय उत्पाद!
टोरंटो, 13 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और कनाडा के बीच मुक्त व्यापार समझौता होने के बाद कर और शुल्क में भारी कमी के चलते चीन की तरह भारतीय उत्पाद भी कनाडाई बाजार में छा सकते हैं।
सियोल में शुक्रवार को जी-20 की बैठक के दौरान भारत और कनाडा के प्रधानमंत्रियों ने व्यापक आर्थिक साझेदारी समझौते पर बातचीत शुरू करने की घोषणा की थी।
दोनों देशों ने अगले पांच वषों में अपने आपसी व्यापार को मौजूदा 4.2 अरब डॉलर से बढ़ाकर तीन गुना करने का लक्ष्य रखा है। कनाडा से भारत को किए जाने वाले प्रमुख निर्यात मशीनरी, खाद, लकड़ी की लुग्दी और सब्जियां हैं और भारत से कनाडा को किए जाने वाले प्रमुख निर्यात परिधान, धातु, कीमती पत्थर और आभूषण एवं विद्युत उपकरण हैं।
समाचार पत्र 'टोरंटो स्टार' ने इस फैसले का स्वागत करते हुए कहा, "समझौता पूर्ण होने में अभी कई महीने लग सकते हैं लेकिन जब यह हो जाएगा तो कनाडाई लोग दुकानों में ज्यादा भारतीय उत्पाद देख सकेंगे और शायद वह एशियाई देशों से आयात किए जा रहे मौजूदा सामानों से सस्ते होंगे।"
इस मुक्त व्यापार समझौते से दोनों देशों की अर्थव्यवस्था में छह-छह अरब डॉलर की वृद्धि होगी।
इस समझौते से कनाडा के बैंक और बीमा कम्पनियों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। कनाडाई कम्पनियां दक्षिण एशियाई बाजारों में अपनी पहुंच बढ़ाना चाहती हैं।
अमेरिका कनाडाई उत्पादों का सबसे बड़ा खरीददार रहा है लेकिन अमेरिका से शुरू हुए वैश्विक मंदी के बाद कनाडा ने अन्य बड़ी अर्थव्यवस्थाओं से मुक्त व्यापार समझौते की जरूरत महसूस की है।
आर्थिक विशेषज्ञों ने भारत से इस वार्ता को कनाडा के लिए काफी महत्वपूर्ण कदम बताया है।
जून महीने में भारत के साथ परमाणु समझौते के बाद दोनों देशों ने खनन, विज्ञान और शिक्षा के क्षेत्र में कई समझौते किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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