नेपाल ने नक्सलियों को प्रशिक्षण देने का आरोप खारिज किया
सुदेशना सरकार
काठमांडू, 13 नवंबर (आईएएनएस)। भारत और नेपाल के बीच कूटनीतिक गतिरोध शनिवार को उस समय और गहरा गया, जब नेपाल के एक वरिष्ठ मंत्री ने भारत के उस आरोप को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि नेपाली माओवादी, भारतीय नक्सलियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
तीन सप्ताह पूर्व भारत ने नेपाली विदेश मंत्री और गृह मंत्री से औपचारिक शिकायत की थी कि नेपाल की माओवादी पार्टी ने नेपाल के दो शिविरों में नक्सलियों को प्रशिक्षण दिया। इनमें से एक शिविर में लश्कर-ए-तैयबा का एक सदस्य शामिल था, जिसने नक्सलियों को विस्फोटक बनाने का प्रशिक्षण दिया था।
नेपाल के शांति एवं पुनर्निर्माण मंत्री राकम चेमजोंग ने कहा कि नेपाल में न तो नक्सलियों का कोई नेटवर्क है और न लश्कर का ही।
चेमजोंग ने माओवादियों के उस आरोप को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने कहा है कि नेपाली सेना ने भारतीय नक्सलियों को माओवादियों द्वारा प्रशिक्षण दिए जाने की फर्जी खबर तैयार की है, ताकि उन्हें शांति प्रक्रिया से बाहर किया जा सके।
माओवादी सांसद और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के पूर्व उप प्रमुख ने यह आरोप लगा कर आग में घी डालने का काम किया है कि नेपाल में भारतीय सैन्य हस्तक्षेप का रास्ता साफ करने के लिए कार्यवाहक प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल और नई दिल्ली के बीच यह एक साजिश है।
नेपाल सरकार ने भारतीय आरोप की जांच करने के बदले सेना के खिलाफ लगाए गए आरोप को खारिज करने में अधिक तत्परता दिखाई है।
रक्षा मंत्रालय ने एक अस्पष्ट बयान जारी किया है, जिसमें सावधानीपूर्वक माओवादियों का जिक्र नहीं किया गया है, और इसके बदले कहा गया है कि सरकार के आदेशों पर सेना द्वारा तैयार की गई एक गोपनीय रिपोर्ट के बारे में मीडिया में आई खबरें फर्जी और भ्रामक हैं।
बयान में कहा गया है कि सरकार ने न तो इस तरह की कोई रिपोर्ट तैयार करने के लिए सेना से कहा था और न सेना ने इस तरह की कोई खुफिया रिपोर्ट पेश की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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