कश्मीर को अंतर्राष्ट्रीय विवाद मानें प्रधानमंत्री : गिलानी
श्रीनगर, 13 नवंबर (आईएएनएस)। कट्टरपंथी अलगाववादी नेता सैयद अली गिलानी ने शनिवार को कहा कि यदि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह चाहते हैं कि अलगाववादी, केंद्रीय वार्ताकारों के साथ बातचीत शुरू करें, तो उन्हें कश्मीर को एक अंतरष्ट्रीय विवाद के रूप में स्वीकार करना चाहिए।
गिलानी ने यह बात, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के उस बयान की प्रतिक्रिया में कही है, जिसमें उन्होंने कहा था कि गिलानी को केंद्रीय वार्ताकारों के साथ अर्थपूर्ण बातचीत में शामिल होना चाहिए, क्योंकि कश्मीर को अंतर्राष्ट्रीय विवाद माने जाने की उनकी शर्त मंजूर हो चुकी है।
गिलानी ने कहा कि यह स्वीकारोक्ति प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की ओर आनी चाहिए।
गिलानी ने यहां जारी एक बयान में नई दिल्ली से प्रत्यक्ष और स्पष्ट जवाब मांगा है। गिलानी ने कहा है, "प्रधानमंत्री को ऐतिहासिक सच स्वीकार करने में संकोच नहीं करना चाहिए।"
उमर अब्दुल्ला ने दो दिनों पूर्व जम्मू में कहा था कि वार्ताकारों ने कहा है कि कश्मीर एक विवाद है, जिसके समाधान की आवश्यकता है और उन्होंने यह भी स्वीकार किया है कि जम्मू एवं कश्मीर में स्थायी शांति लाने के लिए पाकिस्तान को बातचीत में शामिल किया जाना चाहिए।
मुख्यमंत्री अब्दुल्ला के अनुसार यह गिलानी की पहली और सबसे महत्वपूर्ण मांग की स्वीकारोक्ति थी, क्योंकि केंद्र सरकार ने इसका खंडन नहीं किया था।
उमर ने यह भी कहा था कि गिलानी द्वारा रखी गईं चार अन्य मांगें राज्य सरकार के अधिकार क्षेत्र में आती हैं और राज्य सरकार उन पर विचार करने को लेकर सक्रिय है।
दरअसल, उमर चाहते हैं कि गिलानी केंद्रीय वार्ताकारों के साथ बातचीत में शामिल हों।
गिलानी ने बयान में कहा है, "हमारी पांचों मांगों पर जवाब नई दिल्ली से आना चाहिए। राज्य के शासकों की हैसियत कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसी ज्यादा कुछ नहीं है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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