पाकिस्तानियों को नहीं भाएगा ओबामा का भारत सम्बंधी रुख : मुशर्रफ
वाशिंगटन, 13 नवंबर (आईएएनएस)। पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत की स्थाई सदस्यता को अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा के समर्थन और पाकिस्तान से आतंकी खतरे के बारे में उनके बयान को पाकिस्तान में पसंद नहीं किया जाएगा।
न्यूयार्क में इस सप्ताह आयोजित हुई विदेश मामलों की परिषद की बैठक में मुशर्रफ से ओबामा के भारत में दिए गए बयानों पर सवाल किए जाने पर उन्होंने कहा, "मुझे इसकी उम्मीद नहीं थी। स्पष्ट रूप से कहूं तो पाकिस्तान के लोग इससे खुश नहीं होंगे।"
पाकिस्तान से आतंकी खतरे के सवाल पर उन्होंने कहा, "पाकिस्तान में इसे अच्छा बयान नहीं माना जाएगा। आतंकवाद एक मुद्दा है लेकिन इसकी जटिलता को समझा जाना चाहिए।"
"पाकिस्तान को किसी ऐसे देश में आतंक का प्रायोजक के रूप में देखा या पेश नहीं किया जाना चाहिए जो स्वयं ही उसको आतंकवाद और कट्टरवाद का प्रायोजक बताने की कोशिश कर रहा हो। जबकि पाकिस्तान के लोगों का मानना है कि वहे स्वयं इससे पीड़ित हैं, हम परिस्थितियों के पीड़ित हैं। यह स्थितियां 1979 से पिछले 30 साल से बनी हुई हैं।"
"यह ऐसी स्थिति है जिसका सामना किया जाना चाहिए। आतंकवाद और कट्टरवाद का केंद्र अफगानिस्तान और पाकिस्तान के जनजातीय इलाके हैं लेकिन इससे लड़ना होगा। यदि आप पाकिस्तान को अलग-थलग करेंगे तो आतंकवाद का मुकाबला नही किया जा सकेगा।"
अफगानिस्तान में भारत की भूमिका के सवाल पर मुशर्रफ ने कहा, "जहां तक भारत का सवाल है, मैं स्पष्ट तौर पर कहना चाहता हूं कि अफगानिस्तान में भारत की भूमिका केवल पाकिस्तान विरोधी अफगानिस्तान बनाने की है।"
"कंधार और जलालाबाद में उनके दूतावास दरअसल पाकिस्तान में समस्याएं पैदा करने में शामिल हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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