नक्सली पोस्टर से किशनजी के जीवित होने पर उठा सवाल
कोलकाता, 12 नवंबर (आईएएनएस)। पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले में शुक्रवार को अज्ञात नक्सली समूह के पोस्टर बरामद होने से प्रमुख नक्सली नेता किशनजी के जीवित होने के बारे में सवाल उठने लगा है। पोस्टर में उन्हें 'शहीद किशनजी' कहा गया है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "बरामद हुए तीन पोस्टरों में से एक जनजातीय पलटन भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) का है। ये पोस्टर अतिवादियों के साथ संक्षिप्त मुठभेड़ के बाद पुन्नापानी और लक्षणपुर स्थित नक्सलियों के गुप्त ठकानों से मिले।"
उन्होंने बताया कि पोस्टर में लिखा है, "हम किसी को भी अपना हित साधने के लिए शहीद किशनजी का उपयोग करने की इजाजत नहीं देंगे।"
अधिकारी ने बताया कि दूसरे पोस्टर में लालगढ़ में सक्रिय दूसरे दर्जे के नक्सली नेता मनसाराम उर्फ बिकास को देशद्रोही बताया गया है। पोस्टर में लिखा है कि वह अपने समुदाय और लोगों को भूल चुका है, लोग उसे सजा देंगे। जबकि तीसरे पोस्टर में लिखा है, "हम मार्शल (जनजातीय भाषा में चैम्पियन) को अपमानित करने की इजाजत नहीं देंगे।"
ज्ञात हो कि जिले के हातीलोथ जंगल में 26 मार्च को सुरक्षा बलों और नक्सलियों के बीच मुठभेड़ के बाद यह अफवाह उड़ी कि किशनजी या तो गंभीर रूप से घायल है या उनकी मौत हो चुकी है। राज्य सरकार भी यह पुष्टि नहीं कर पाई है कि किशनजी मारा गया या जीवित है।
उल्लेखनीय है कि 26 मार्च की घटना के बाद समझा जा रहा है कि किशनजी की आवाज में रिकार्ड बयान विभिन्न मीडिया प्रतिष्ठानों तक पहुंचाए गए, लेकिन नक्सली नेता सार्वजनिक रूप से कहीं उपस्थित नहीं हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications