छठ पूजा : व्रतियों ने डूबते सूर्य को दिया अघ्र्य (राउंडअप)
छठ पर्व की विशेष पूजा के लिए राजधानी में यमुना नदी के घाटों को विशेष तौर पर सजाया गया है। राष्ट्रीय राजधानी में बिहार, पूर्वी उत्तर प्रदेश और झारखण्ड के करीब 50 लाख लोग रहते हैं।
बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में खासतौर से प्रतिष्ठित इस चार दिवसीय पर्व की शुरुआत बुधवार को हुई थी। व्रतियों ने यमुना नदी के घाटों पर पानी में खड़े होकर भगवान सूर्य की उपासना और उन्हें फल एवं अन्य पूजा सामग्री अर्पित की। शनिवार को उदीयमान सूर्य को अघ्र्य देने के साथ ही छठ पर्व का समापन होगा।
दिल्ली सरकार का कहना है कि इस पर्व के लिए यमुना किनारे के करीब 40 घाटों की साफ-सफाई की गई है और वहां पूजा के लिए कई इंतजाम किए गए हैं।
दिल्ली में रहने वाले पूर्वाचल के लोगों की संख्या को देखते हुए इस साल छठ पूजा के लिए अधिक घाट तैयार किए गए हैं, जबकि पिछले साल 28 घाटों पर ही यह पूजा हुई थी। आईटीओ ब्रिज, कोंडली ब्रिज, चिल्ला गांव, कालिंदी कुंज, उस्मानपुर, प्रेमबाड़ी ब्रिज, नरेला नहर, बादली नहर सहित कई स्थान छठ पूजा संपन्न हुई।
दिल्ली सरकार के अधिकारियों ने बताया कि घाटों पर पानी, बिजली, तम्बू, कुर्सियां और चलित शौचालयों की व्यवस्था की गई है।
एक अधिकारी ने बताया, "सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। किसी भी आकस्मिक घटना से निपटने के लिए पुलिसकर्मी, गोताखोर और नावों की व्यवस्था की गई है। घाटों पर डॉक्टर, चलित औषधालय और एम्बुलेंस भी मौजूद रहेंगे।"
उधर, पटना में छठ पर्व के मौके पर पूरा बिहार भक्ति के रंग में डूब गया है। छठ व्रती शनिवार को उगते सूर्य को अर्ध्य अर्पित करेंगे। राजधानी समेत पूरे राज्य में इस चार दिवसीय पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। छठ के मधुर गीतों से घाटों का माहौल भक्तिमय और उल्लास से परिपूर्ण है।
पटना के गंगा घाटों पर छठ व्रतियों के लिए भगवान भास्कर को अघ्र्य देने की समुचित व्यवस्था की गई है। कलेक्टेरिएट घाट, महावीर घाट, भद्र घाट, गाय घाट समेत कई घाटों पर स्वयंसेवी संस्थाओं ने भी सूर्य उपासना की व्यवस्था की है।
छठ पर्व के मद्देनजर पटना की सभी सड़कें साफ -सुथरी और सजी-धजी नजर आ रही हैं। छठ पूजा को लेकर गंगा घाटों पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं।
पटना के जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार सिन्हा ने शुक्रवार को बताया कि छठ पूजा को देखते हुए दिन के समय आम नावों का परिचालन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। नावों पर अर्धसैनिक बल के साथ 125 दंडाधिकारियों की तैनाती की गई है, जो पटना सिटी के घाटों से लेकर दानापुर तक नजर बनाए हुए हैं। सभी घाटों पर गोताखोरों को भी तैनात किया गया है।
उल्लेखनीय है कि गुरुवार को व्रतियों ने 'खरना' का व्रत रखकर शाम को गुड़ की खीर, रोटी और फल का प्रसाद चढ़ाकर पूजा करके परिजनों के साथ प्रसाद ग्रहण किया था। इसके साथ ही 36 घंटे का निर्जला व्रत प्रारंभ हो गया। शनिवार को भगवान सूर्य को अघ्र्य देने के बाद व्रती अन्न-जल ग्रहण करेंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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