औद्योगिक उत्पादन दर गिरकर 4.4 प्रतिशत हुई (लीड-1)
आईआईपी वृद्धि दर में लगातार दूसरे महीने इस गिरावट से सरकार की चिंताएं बढ़ गई हैं। सरकार ने इस साल अर्थव्यवस्था में 8.5 प्रतिशत की विकास दर हासिल करने का लक्ष्य रखा है। इस गिरावट से चितित केंद्रीय वित्त मंत्री प्रणब मुखर्जी ने कहा, "हम इस गिरावट के कारणों की पहचान करेंगे।"
मौजूदा वित्त वर्ष की पहली छमाही में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर 10.2 प्रतिशत रही है। अगस्त महीने की संशोधित आईआईपी दर 6.9 प्रतिशत रही है जो कि पहले 5.6 प्रतिशत घोषित की गई थी।
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक आईआईपी में शामिल 17 में से 14 उद्योगों में सितम्बर में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई है लेकिन यह वृद्धि काफी कम है।
आईआईपी में सबसे ज्यादा हिस्सेदारी वाले विनिर्माण क्षेत्र में सितम्बर में उत्पादन वृद्धि दर 4.5 प्रतिशत रही जो कि पिछले साल के इसी महीने में 11 प्रतिशत दर्ज की गई थी।
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैबर्स ऑफ कामर्स एण्ड इंडस्ट्रीज (फिक्की) के महासचिव अमित मित्रा ने कहा, "विनिर्माण क्षेत्र की विकास दर अनुमान के मुताबिक ही रही है क्योंकि भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा मौद्रिक सख्ती के कारण इस क्षेत्र की वृद्धि दर कम होने का अनुमान था। रसायन, धातु और मशीनरी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सितम्बर में नकारात्मक विकास दर रही है।"
बिजली उत्पादन क्षेत्र में भी तेज गिरावट दर्ज की गई है इस दौरान बिजली उत्पादन में 1.7 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई है जबकि 2009 के सितम्बर महीने में इसमें 3.8 प्रतिशत की दर से वृद्धि हुई थी।
खनन क्षेत्र की विकास दर सितम्बर महीने में 5.2 प्रतिशत रही है जबकि पिछले साल के इसी महीने में यह दर 8.7 प्रतिशत दर्ज की गई थी।
पूंजीगत वस्तुओं में इस महीने 4.2 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की गई है।
इंटरमीडिएट गुड्स का उत्पादन 10.3 प्रतिशत और बुनियादी वस्तुओं का उत्पादन 3.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।
उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन इस महीने 5.2 प्रतिशत और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन 10.9 प्रतिशत की दर से बढ़ा है। इसके अलावा गैर टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं का उत्पादन 2.5 प्रतिशत की दर से बढ़ा है।
मित्रा ने कहा, "आईआईपी आंकड़ों को देखते हुए हम सरकार से अपील करते हैं कि विनिर्माण क्षेत्र में इस मंदी से बचने के लिए मौद्रिक कदमों की समीक्षा करें और समय रहते हस्तक्षेप करें।"
आईआईपी में इस गिरावट के चलते बम्बई स्टॉक एक्सचेंज का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 432.20 अंक (2.1 प्रतिशत) गिरकर 20, 156.89 अंक पर बंद हुआ।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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