'दीपावली समारोह में व्यवधान डालने के लिए था गोवा विस्फोट'
भाजपा की युवा शाखा, भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) की गोवा इकाई के अध्यक्ष रूपेश महात्मे ने अदालत को बताया, "पिछले छह-सात वर्षो से सनातन संस्था के लोग हमारी 'नरकासुर' पुतला स्पर्धा का विरोध कर रहे थे और उन्होंने दक्षिणी गोवा के कलेक्टर से शिकायत भी की थी।"
ज्ञात हो कि वर्ष 2009 में दीपावली के मौके पर मडगाव में हुए विस्फोट की सुनवाई के लिए विशेष अदालत का गठन किया गया है।
महात्मे ने कहा कि उनकी 'सालिड पार्टी ट्रस्ट' द्वारा आयोजित नरकासुर पुतला प्रतिस्पर्धा में 15,000 लोग इकट्ठा हुए थे और उसमें मुख्यमंत्री दिगम्बर कामत और भाजपा विधायक दामोदर नाइक भी उपस्थित थे। कामत उसी क्षेत्र से विधायक हैं।
नरकासुर पुतला प्रतिस्पर्धा, देश के अन्य हिस्सों में आयोजित होने वाले रावण वध की तर्ज पर गोवा में आयोजित होने वाला पौराणिक दानव वध का एक समारोह है।
इस विस्फोट की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) कर रही है। इस विस्फोट में नरकासुर प्रतिस्पर्धा स्थल के लिए बम ले जा रहे सनातन संस्था के दो सदस्यों की मौत हो गई थी। जांच एजेंसी द्वारा इस वर्ष के प्रारम्भ में दायर किए गए आरोप पत्र में कहा गया है कि मुख्य मकसद, समारोह में हिस्सा ले रहे लोगों के भीतर भय पैदा करना था।
एनआईए के आरोप पत्र के अनुसार सनातन संस्था के सदस्य इस बात से नाराज थे कि यह स्पर्धा नरकासुर को महिमामंडित करती है, क्योंकि उसका पुतला, उसे मारने वाले से ज्यादा विशाल और आकर्षक है।
महात्मे ने अपने बयान में यह भी कहा है कि नरकासुर प्रतिस्पर्धाओं के खिलाफ बार-बार शिकायत करने के बाद सनातन संस्था 2009 में अचानक शांत हो गया था।
एनआईए ने इस मामले में सनातन संस्था के 13 सदस्यों को आरोपित किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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