चव्हाण ने 'स्वच्छ प्रशासन' देने का किया वादा (लीड-2)
मुख्यमंत्री ने कहा चूंकि आदर्श हाउसिंग सोसायटी मामले की जांच की जा रही है, इसलिए उनका इस मुद्दे पर बोलना उचित नहीं होगा। उन्होंने आश्वस्त किया कि इस मामले में जांच के परिणाम के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।
शपथ ग्रहण समारोह के बाद अपने पहले संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चव्हाण और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार ने कहा कि लोगों की उम्मीदें बहुत ज्यादा हैं और वे 'कठिन निर्णय' लेने से पीछे नहीं हटेंगे।
चव्हाण ने कहा कि वह कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से बात करने दिल्ली जा रहे हैं, इसके बाद वह सोमवार से मंत्रिमंडल के गठन की प्रक्रिया की शुरुआत करेंगे।
चव्हाण से यह पूछे जाने पर कि क्या वे किसी दागी नेता को मंत्रिमंडल में शामिल करेंगे, इस पर जवाब देने से मुख्यमंत्री बचते नजर आए।
राज्यपाल के. शंकरनारायणन ने राज भवन में दोनों नेताओं को शपथ दिलाई।
मुख्यमंत्री चव्हाण कांग्रेस और पवार एनसीपी से हैं। शपथ ग्रहण समारोह के मौके पर दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेता मौजूद थे।
समारोह में एनसीपी के नौ अन्य नेताओं ने मंत्री पद की शपथ ली। इनमें छगन भुजबल, विजयकुमार गावित, मनोहर नायक, जयदत्त क्षीरसागर, जयंत पाटील, गनेश नायक, आर.आर पाटील, लक्ष्मनराव धोबले और सुनील तातकड़े शामिल हैं।
इसके पहले चव्हाण (64) को मुख्यमंत्री बनाने का रास्ता साफ करने के लिए कांग्रेस विधायक दल का नेता चुना गया।
कांग्रेस ने चव्हाण को अशोक चव्हाण की जगह मुख्यमंत्री बनाया है। मुम्बई के आदर्श हाउसिंग सोसायटी घोटाले में कथित रूप से नाम आने पर चव्हाण ने तीन दिन पहले मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
उधर, कांग्रेस द्वारा पृथ्वीराज चव्हाण को मुख्यमंत्री पद के लिए चुने जाने के कुछ ही घंटों बाद एनसीपी ने उप मुख्यमंत्री पद के लिए अजित पवार के नाम की घोषणा की। अजित से पहले एनसीपी के छगन भुजबल उप मुख्यमंत्री थे। एनसीपी विधायकों ने अजित पवार को उप मुख्यमंत्री के रूप में चुना।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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