मांफी नहीं, जेल जाना पसंद करूंगा : शांति भूषण
भूषण और उनके पुत्र से कहा गया कि यदि वे चाहें तो इस मामले में न्यायालय से माफी मांग सकते हैं।
ज्ञात हो कि शांति भूषण ने अपनी ओर से दायर हलफनामे में भारत के 16 मुख्य न्यायाधीशों में से आठ को 'पूर्ण रूप से भ्रष्ट', छह को 'पूर्ण रूप से ईमानदार' और दो के बारे में 'कुछ निश्चित रूप से कहा नहीं जा सकता' बताया था। उनके इस इलफनामे को न्यायालय ने अपनी अवमानना के रूप में लिया और उन्हें पक्ष बना लिया।
न्यायालय वरिष्ठ वकील प्रशांत भूषण और तहलका पत्रिका के प्रबंध संपादक तरूण तेजपाल के खिलाफ अवमानना याचिका पर सुनवाई कर रही है। इस पत्रिका को दिए साक्षात्कार में भूषण ने सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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