महाराष्ट्र में चव्हाण मुख्यमंत्री और पवार उपमुख्यमंत्री बनेंगे (राउंडअप)
इस बीच राज्य में कांग्रेस की सहयोगी राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) ने भी छगन भुजबल की जगह अजित पवार को उपमुख्यमंत्री बनाने का निर्णय लिया है। अब तक प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री रहे चव्हाण ने राज्य में स्थायित्व कायम करने का वादा किया है।
अविवादित छवि के कारण 64 वर्षीय पूर्व इंजीनियर की मुख्यमंत्री के रूप में नियुक्ति का महाराष्ट्र में सभी रानीजतिक दलों ने स्वागत किया है। उन्होंने स्व. राजीव गांधी से मुलाकात का एक मौका मिलने के बाद अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की थी।
अपनी पहली टिप्पणी में चव्हाण ने कहा, "मैं कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के फैसले का विनम्रतापूर्वक सम्मान करता हूं। उन्होंने मुझे एक बड़े एवं औद्योगीकृत राज्य का दायित्व सौंपा है, जहां कांग्रेस सत्ता में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के साथ साझेदार है।"
उन्होंने कहा, "मुझे सभी का सहयोग और समर्थन चाहिए। मैं वादा करता हूं कि राज्य को बेहतर नेतृत्व प्रदान करूंगा।" उधर, राष्ट्रपति प्रतिभा पाटील ने प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्य मंत्री के पद से चव्हाण का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी विज्ञप्ति में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने चव्हाण का इस्तीफा तत्काल प्रभाव से मंजूर कर लिया है। चव्हाण के पास विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा पृथ्वी विज्ञान मंत्रालय भी था।
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस आलाकमान ने पार्टी विधायकों से राय लेने के बाद बुधवार सुबह चव्हाण के नाम पर मुहर लगाई।
चव्हाण का जन्म 17 मार्च, 1946 को इंदौर के एक मराठी परिवार में हुआ था। वह राजस्थान के बीआईटीएस पिलानी से इंजीनियरिंग में स्नातक हैं तथा कैलीफोर्निया विश्वविद्यालय से अंतरिक्ष अभियांत्रिकी में वह एम.एस. की डिग्री हासिल कर चुके हैं।
केंद्रीय वित्त मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रणब मुखर्जी ने चव्हाण के नाम का ऐलान किया। उन्होंने बुधवार सुबह संवाददाताओं से कहा, "मैं और ए. के. एंटनी (रक्षा मंत्री) मंगलवार शाम मुम्बई गए थे और वहां कांग्रेस विधायक दल से मिले थे। विधायक दल ने मुख्यमंत्री का फैसला करने का अधिकार कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर छोड़ दिया था।"
मुखर्जी ने कहा, "हमने मंगलवार रात विधायकों की राय से कांग्रेस अध्यक्ष को अवगत करा दिया था। आज सुबह यह फैसला हुआ कि पृथ्वीराज चव्हाण विधायक दल के नेता होंगे।"
चव्हाण ने कहा है कि इस नई जिम्मेदारी को पाकर वह खुद को सम्मानित और कृतज्ञ महसूस कर रहे हैं। चव्हाण ने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा, "बुधवार सुबह ए. के. एंटनी (महाराष्ट्र प्रभारी) ने मुझे सूचित किया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने महाराष्ट्र की सत्ता संभालने के लिए मुझे चुना है। मैंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि वह मुझे केंद्र की मेरी जिम्मेदारियों से मुक्त करें।"
चव्हाण ने कहा, "मैंने महाराष्ट्र से सम्बंधित अपनी पार्टी के सभी बड़े नेताओं से बात की है। मेरी बात केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार से भी हुई है। मैं इन नेताओं से मिलने की भी कोशिश करूंगा। मैं सबको साथ लेकर काम करूंगा।"
राकांपा अध्यक्ष और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने कहा है कि उनकी पार्टी महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री बनने जा रहे पृथ्वीराज चव्हाण के साथ पूरा सहयोग करेगी।
पवार ने संसद के बाहर संवाददाताओं से कहा, "पृथ्वीराज का चयन अच्छा है। वह महाराष्ट्र को नए सिरे से खड़ा करेंगे। उन्हें राकांपा का पूरा सहयोग मिलेगा।"
भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता माधव भंडारी ने कहा है कि चव्हाण राज्य का नया चेहरा होंगे और मुख्यमंत्री होने के नाते उन्हें अग्निपरीक्षा से गुजरना होगा। उन्होंने कहा कि चव्हाण ने कभी भी राज्य की राजनीति में हिस्सा नहीं लिया। उनका पूरा राजनीतिक करियर नई दिल्ली में रहा है लेकिन उम्मीद है कि वह राज्य में स्थायित्व लाएंगे।
समाजवादी पार्टी के अबु आजमी ने कहा है कि राज्य सरकार के अन्य शासन प्रमुखों की बजाए चव्हाण की स्वच्छ छवि से महाराष्ट्र के पिछड़े वर्गो के विकास में मदद मिलेगी।
शिवसेना के भरतकुमार राउत ने चिंता जाहिर करते हुए कहा कि महाराष्ट्र बुरे दौर से गुजर रहा है और ऐसे में विविध मसलों से निपटना चव्हाण की जिम्मेदारी होगी। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के उपाध्यक्ष वागेश सारस्वत ने कहा कि वह उन्हें पूर्ण समर्थन देंगे।
इस बीच राकांपा के नेता अजित पवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री पद के लिए चुना गया है। अजित पार्टी प्रमुख शरद पवार के भतीजे हैं। फिलहाल छगन भुजबल प्रदेश के उप मुख्यमंत्री हैं।
पृथ्वीराज चव्हाण को मुख्यमंत्री बनाए जाने के फैसले के कुछ ही घंटे बाद राकांपा विधायक दल ने भुजबल की जगह अजित पवार को उप मुख्यमंत्री पद के लिए चुना है।
राकांपा के वरिष्ठ नेता प्रफुल्ल पटेल ने बुधवार शाम को कहा, "राकांपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से अजित पवार को नया उप मुख्यमंत्री चुना गया है।"
पार्टी सूत्रों के मुताबिक विधायकों का समर्थन जुटाने की भरपूर कोशिशों के बावजूद भुजबल अपनी कुर्सी नहीं बचा पाए और 50 से ज्यादा राकांपा विधायकों और कुछ स्वतंत्र विधायकों ने उप मुख्यमंत्री पद के लिए पवार का समर्थन किया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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