रैगिंग में अमन काचरू की मौत मामले पर फैसला गुरुवार को
ज्ञात हो कि 19 वर्षीय अमन की रैगिंग के बाद पिछले वर्ष आठ मार्च को मौत हो गई थी। रैगिंग में कांगड़ा जिले के टांडा स्थित राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कालेज एवं अस्पताल के चार वरिष्ठ छात्र- अजय वर्मा, नवीन वर्मा, अभिनव वर्मा एवं मुकुल शर्मा शामिल थे।
भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत इन चारों वरिष्ठ छात्रों को अमन की मौत के लिए जिम्मेदार ठहराया गया है।
यहां की त्वरित अदालत ने 13 अगस्त, 2009 को इन आरोपियों के खिलाफ आरोप तय किए थे तथा अभियोग एवं बचाव पक्ष की दलीलों पर सुनवाई के बाद इस वर्ष 30 अक्टूबर तक के लिए फैसला सुरक्षित रखा था।
अदालत के अधिकारियों ने बताया कि अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुरिंदर वैद्य गुरुवार को फैसला सुनाएंगे।
विशेष सरकारी वकील जीवन लाल शर्मा ने दलील दी है कि वरिष्ठ छात्रों ने रैगिग के दौरान अमन की निर्दयतापूर्वक पिटाई की, घायल अवस्था में उसने दम तोड़ दिया। बचाव पक्ष का हालांकि कहना है कि अमन दिल का मरीज था, उसकी मौत का एक कारण यह भी हो सकता है।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने 38 गवाहों के बयान दर्ज किए हैं, जिनमें चिकित्सक, पुलिसकर्मी एवं अमन के पिता राजेंद्र काचरू भी शामिल हैं।
इस मामले में 28 अगस्त को पहली बार अदालत पहुंचे राजेंद्र काचरू ने कहा था कि छह मार्च, 2009 को हुई रैगिग की इस घटना के बारे में अमन ने उन्हें फोन पर विस्तार से बताया था।
काचरू ने कहा, "अमन ने मुझसे यहां तक कहा था कि उसने रैगिंग की लिखित शिकायत कालेज के अधिकारियों को दी है। अमन से बात होने के तीन या चार घंटे बाद ही एक व्यक्ति ने कालेज से मुझे सूचना दी कि अमन की मौत हो गई है।"
अदालत ने अस्पताल के दो चिकित्सकों- हरजीत पाल सिंह (नाक, कान, गला विभाग) एवं फॉरेंसिक चिकित्सा विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डी.पी. स्वामी से दोबारा पूछताछ की थी।
रैगिग की घटना के कुछ घंटे बाद अमन के कानों की गई जांच के दौरान सिंह ड्यूटी पर मौजूद थे, जबकि स्वामी ने उसके शव का पोस्टमार्टम किया था।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पुष्टि की गई अमन की मौत सिर में चोट लगने और मस्तिष्क की नस फटने से हुई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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