जी-20 शिखर सम्मेलन के लिए ओबामा सियोल पहुंचे
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक एशियाई देशों की 10 दिन की यात्रा पर निकले ओबामा का दूसरा पड़ाव इंडोनेशिया था, जहां से वह कुछ घंटे पहले ही रवाना हो गए, क्योंकि जकार्ता के 500 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में मेरापी ज्वालामुखी से राख उड़ने के कारण उड़ान बाधित होने की आशंका थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति की सुदृढ़ अर्थव्यस्था वाले विश्व के 20 देशों के शीर्ष नेताओं से मुलाकात होने संभावना है, जिनमें से रूस के राष्ट्रपति दिमित्री मेदवेदेव, आस्ट्रेलिया की प्रधानमंत्री जूलिया गिलार्ड एवं दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति जैकब जुमा सियोल पहुंच चुके हैं।
इटली के प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी के जी-20 शिखर सम्मेलन में एक दिन बाद पहुंचने की संभावना है।
गुरुवार को जी-20 शिखर सम्मेलन से पहले द्विपक्षीय बैठकें होंगी। शाम के समय भोजन सत्र के दौरान वैश्विक अर्थव्यवस्था पर चर्चा होगी।
यह वार्ता व्यापार असंतुलन एवं मुद्रा युद्ध पर केंद्रित होने के आसार हैं, क्योंकि इस कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था कमजोर होगी और प्रतिलाभ में बाधा आने का खतरा है।
लेकिन दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्युंग बाक ने कहा है कि इस बात की कम ही संभावना है कि सम्मेलन में भुगतान असंतुलन को खत्म करने की प्रक्रिया को सरल बनाने के विशिष्ट निर्देशों पर सहमति बन पाएगी।
ली ने इसी हफ्ते समाचार पत्र 'जूंग आंग इल्बो' से कहा था कि जी-20 समूह के सदस्य इस मुद्दे पर एक कार्यकारी समूह गठित करने जा रहे हैं। उधर, मध्य सियोल में हजारों प्रदर्शनकारियों के विरोध प्र्दशन करने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है।
सरकार ने लगभग 50,000 पुलिसकर्मियों एवं 10,000 सैनिकों को तैनात किया है। इससे पहले टोरंटो में हुए जी-20 शिखर सम्मेलन के मुकाबले यहां सुरक्षाकर्मियों की संख्या दोगुनी कर दी गई है।
इंडो-एशियन न्यूज एजेंसी।


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