रामालिंगा राजू और पांच अन्य ने निचली अदालत में आत्मसमर्पण किया
रामालिंगा राजू, उनके भाई बी. रामा राजू, सत्यम के पूर्व मुख्य वित्तीय अधिकारी (सीएफओ) वी. श्रीनिवास और तीन अन्य पूर्व कर्मचारियों जी. रामाकृष्णा, वेंकटपति राजू और श्रीसैलम ने 21वें अतिरिक्त चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट के सामने आत्मसर्पण किया। पिछले महीने सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी जमानत रद्द कर दी थी।
इसके बाद केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) रामालिंगा राजू को स्वास्थ्य संबंधी जांच के लिए निजाम इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (निम्स) ले गई।
सर्वोच्च न्यायालय ने मंगलवार को आत्मसमर्पण के लिए अतिरिक्त समय देने की उनकी याचिका खारिज कर दी थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने 26 अक्टूबर को राजू और अन्य पांच अभियुक्तों की जमानत रद्द करते हुए उन्हें 10 नवंबर तक निचली अदालत में आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था।
राजू (56) को पिछले साल जनवरी में भारत के सबसे बड़े कॉरपोरेट घोटाले की बात स्वीकार करने के बाद गिरफ्तार किया गया था। आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने 18 अगस्त को उन्हें इस आधार पर जमानत दी थी कि दूसरे आरोपी भी जमानत पर हैं।
उस समय राजू निम्स में हेपेटाइटिस-सी के संक्रमण का इलाज करवा रहे थे। पिछले साल नवंबर से ही वे अदालत में आने से बच रहे थे, जिसके कारण सुनवाई शुरू करने में देरी हो रही थी। निम्स ने उन्हें 2 अक्टूबर को छुट्टी दे दी थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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