इसरो के नए संचार उपग्रह का प्रक्षेपण साल अंत तक
इसके अलावा नए साल की शुरुआत इसरो एक भू पर्यवेक्षण उपग्रह रिसोर्ससैट-2 के प्रक्षेपण के साथ भी कर सकता है।
इसरो 10 से 15 दिसंबर के बीच अपने भारी रॉकेट जियोसिंक्रोनस उपग्रह प्रक्षेपण यान (जीएसएलवी) से जीसैट-5पी का प्रक्षेपण करेगा, जो इंसैट 2ई की जगह लेगा। इंसैट 2ई को 1999 में छोड़ा गया था।
इसरो के प्रकाशन और जनसंपर्क निदेशक एस. सतीश ने आईएएनएस को बताया कि नया उपग्रह 2,300 किलोग्राम भार का होगा और इसमें 36 ट्रांसपोंडर लगे होंगे।
उन्होंने कहा कि इसरो ने कुछ समय पहले जीएसएलवी में पता चली खराबी को दूर कर लिया है।
इसरो रिसोर्ससैट-2 को भी इसी साल हल्के रॉकेट ध्रवीय उपग्रह प्रक्षेपण यान से भेजना चाहता है। लेकिन इसमें कुछ देरी भी हो सकती है। इसे अगले साल के शुरू में भी छोड़ा जा सकता है। इसके साथ सिंगापुर और रूस में बने दो अन्य हल्के उपग्रह भी अंतरिक्ष में भेजे जााएंगे।
गौरतलब है कि दूर संवेदी उपग्रह धरती पर उपयोगी आंकड़े भेजते हैं और इसके वैश्विक बाजार में भारत का दबदबा है। सतीश ने बताया कि रिसोर्ससैट-2 उपग्रह रिसोर्ससेट-1 की जगह लेगा, जिसे 2003 में छोड़ा गया था, हालांकि कुछ समय तक दोनों साथ-साथ काम करेंगे।
इसरो ने इस साल दो महत्वपूर्ण उपग्रह संचार उपग्रह जीसैट-4 और दूरसंवेदी उपग्रह काटरेसैट-2 छोड़े थे। जीएसएलवी के इंजन में आई खराबी के कारण जहां जीसैट-4 समुद्र में जा गिरा, वहीं काटरेसैट सफलता पूर्वक पृथ्वी की कक्षा में स्थापित हो गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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