भारत-अमेरिका के बीच स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान केन्द्र के लिए समझौता
विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्रालय के जैव प्रौद्योगिकी विभाग में सचिव डा. एम़ क़े भान और भारत में अमेरिकी राजदूत टिमोथी रोमर ने इस पर समझौते हस्ताक्षर किए।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति की भारत यात्रा के दौरान इस समझौते को अमली जामा पहनाया गया। भारत और अमरीका के बीच इस संयुक्त स्वच्छ ऊर्जा अनुसंधान और विकास केन्द्र के निर्माण से अनुसंधान और विकास कार्यो को बढ़ावा मिलेगा तथा स्वच्छ ऊर्जा से संबंधित प्रौद्योगिकी का आसानी से आदान-प्रदान भी किया जा सकेगा। शुरूआती दौर में सौर ऊर्जा, दूसरी पीढी के जैव ईंधन तथा क्षमता निर्माण जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया जाएगा।
ये समझौता 10 साल तक मान्य रहेगा जिसे हर पांच वर्षो में नवीकृत किया जाएगा। भारत सरकार इस केन्द्र के लिए पांच वर्षो तक हर साल 50 लाख अमरीकी डॉलर उपलब्ध कराएगी और अमेरिकी सरकार भी इसी तरह पांच वर्षो तक हर साल इतनी ही राशि उपलब्ध कराएगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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