मनमोहन जी20 में हिस्सा लेने बुधवार को जाएंगे सियोल
नई दिल्ली, 9 नवंबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह बुधवार को जी20 की बैठक में हिस्सा लेने के लिए सियोल के लिए रवाना होंगे।
बैठक से पहले दो कारकों ने प्रधानमंत्री को अंतर्राष्ट्रीय मंच पर अधिक मजबूत स्थिति में ला दिया है। एक ओर अमेरिकी राष्ट्रपति ने भारत को सुरक्षा परिषद की स्थायी सदस्यता के दावे को स्पष्ट समर्थन दे दिया है। दूसरी ओर अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत का रुतबा अब पहले से बड़ा हो गया है।
सियोल में प्रधानमंत्री सप्ताह भर के अंदर अमेरिकी राष्ट्रपति से दोबारा मिलेंगे। पिछले जनवरी के बाद ओबामा से यह उनकी सातवीं मुलाकात होगी।
अर्थशास्त्री और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के महासचिव अमित मित्रा ने कहा कि भारत के नजरिए को अब जी20 की बैठक में अधिक महत्व मिलेगा।
उन्होंने आईएनएस से कहा कि दुनिया अब भारत को तीन कारणों से इसके समकक्ष देशों से अधिक महत्व का मान रही है। पहला, यहां एक जागरूक लोकतंत्र है, दूसरा, यहां की आबादी में अपार संभावनाएं हैं और तीसरा, यहां की अर्थव्यवस्था तेजी से विकास कर रही है, जिसमें निवेश की अपार संभावनाएं हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि जी20 की बैठक में प्रधानमंत्री दक्षिण कोरिया के राष्ट्रपति ली म्यूंग-बाक से मिलेंगे।
दोनों नेताओं की 29 अक्टूबर को हनोई में भारत-आसियान सम्मेलन में मुलाकात हुई थी।
इस मुलाकात में ली पॉस्को की 12 अरब डॉलर की समेकित स्टील परियोजना पर बात कर सकते हैं, जिसे पर्यावरण संबंधी कारणों से भारत में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
प्रधानमंत्री की सियोल यात्रा से पहले भारत को आईएमएफ में चीन, ब्राजील और रूस के साथ ही अधिक महत्वपूर्ण स्थान मिल गया है।
आईएमएफ के 65 सालों के इतिहास में पहली बार हुए इस सुधार को शुक्रवार को स्वीकृति मिल गई है।
सियोल में भारत को दोहा दौर की वार्ता पर विश्व व्यापार संगठन के तहत फिर से बात होने की उम्मीद है।
प्रधानमंत्री 12 नवंबर को वापस लौट आएंगे।
भारत और दक्षिण कोरिया के अलावा जी20 में अर्जेटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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