राजू को नहीं मिली मोहलत, याचिका खारिज (लीड-1)
रामालिंगा राजू इस घोटाले का मुख्य आरोपी है। उसके अलावा उसका भाई बी. रामा राजू और चार अन्य कंपनी के लेखांकन घोटाले के आरोपी हैं। मंगलवार को सर्वोच्च न्यायालय ने राजू और चार अन्य की और समय मांगने वाली याचिका रद्द कर दी।
चार अन्य आरोपियों में वादलामणि श्रीनिवास, जी. रामाकृष्णा, डी. व्यंकटपति राजू और चेतकुरू श्रीसैलम शामिल हैं।
न्यायाधीश दलवीर भंडारी और न्यायाधीश दीपक वर्मा की पीठ ने समर्पण की अंतिम तारिख को चार सप्ताह के लिए बढ़ाने की मांग करने वाली वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी की दलील को खारिज कर दिया।
सर्वोच्च न्यायालय ने 26 अक्टूबर को राजू की जमानत रद्द कर दी थी और उन्हें 10 नवम्बर या उससे पहले आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया था।
आरोपियों के वकील रोहतगी ने मंगलवार को न्यायालय को बताया कि इस मामले पर सुनवाई सोमवार को शुरू हुई है। राजू और अन्य आरोपियों ने इस मामले में अपने वकील की मदद के लिए चार सप्ताह का समय दिए जाने की मांग की थी।
आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय ने रामालिंगा राजू को गत 18 अगस्त को और पांच अन्य आरोपियों को गत 20 जुलाई को जमानत दी थी। इसके बाद उच्च न्यायालय के जमानत की चुनौती देने वाली सीबीआई की याचिका पर सर्वोच्च न्यायालय ने राजू और पांच अन्य की जमानत रद्द कर दी थी।
सर्वोच्च न्यायालय ने गत 26 अक्टूबर को दिए अपने आदेश में निचली अदालत को इस सुनवाई को 31 जुलाई 2011 तक पूरा करने का निर्देश दिया है।
उल्लेखनीय है कि राजू ने सूचना प्रौद्योगिकी कम्पनी सत्यम में 7,800 करोड़ रुपये के लेखांकन घोटाले की बात स्वीकार करके समूचे उद्योग जगत को हैरान कर दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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