शीत सत्र शुरू, घोटालों को लेकर सरकार निशाने पर (राउंडअप)
मुम्बई की आदर्श सोसायटी से जुड़े घोटाले में घिरे अशोक चव्हाण ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया जबकि राष्ट्रमंडल खेलों से जुड़े भ्रष्टाचार के मामले में सुरेश कलमाडी ने कांग्रेस संसदीय पार्टी (सीपीपी) का सचिव पद छोड़ दिया।
चव्हाण ने राज्यपाल के. एस. शंकरनारायणन को इस्तीफा सौंप दिया जिसे स्वीकार कर लिया गया। राज्यपाल ने अगली व्यवस्था होने तक उनसे पद पर बने रहने के लिए कहा है। महाराष्ट्र में कांग्रेस और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) की गठबंधन सरकार है।
इससे पहले कांग्रेस आलाकमान ने चव्हाण का इस्तीफा मंजूर कर लिया। पार्टी महासचिव जनार्दन द्विवेदी ने आईएएनएस को बताया, "इस मामले की जांच हो रही है लेकिन चव्हाण के इस्तीफे को स्वीकार कर लिया गया है। उनसे कहा गया है कि वह इस्तीफा महाराष्ट्र के राज्यपाल शंकरनारायणन को सौंप दे।"
मुम्बई की आदर्श सोसायटी की 31 मंजिली इमारत कारिगल के शहीदों के परिजनों के लिए बनाई गई थी। इस इमारत में चव्हाण के कुछ रिश्तेदारों के नाम भी फ्लैट आवंटित किए गए थे।
पार्टी का कहना है कि जल्द ही नए मुख्यमंत्री के नाम का ऐलान कर दिया जाएगा। कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने कहा, "यह उच्च सैद्धांतिक निर्णय है जो पहले कभी किसी दूसरी पार्टी में नहीं देखने को मिला। ऐसी परिथितियों के लिए हमारे पास एक व्यवस्थित प्रक्रिया है। अब नए नेता का चुनाव होगा।"
चव्हाण की जगह कौन लेगा, इसको लेकर अभी अटकलों का दौर चल रहा है। मुख्यमंत्री की दौड़ में केंद्रीय बिजली मंत्री सुशील कुमार शिंदे, प्रधामंत्री कार्यालय (पीएमओ) में राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण, महाराष्ट्र में पार्टी के नेता नारायण राणे, बालासाहेब थोरट और राधाकृष्ण विखे पाटिल शामिल हैं।
पद से इस्तीफा देने के बाद चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी का भरोसा उन पर अभी भी कायम है। उन्होंने संवाददाताओं से कहा, "पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की ओर से मुझे सूचित किया गया है कि मेरा इस्तीफा स्वीकार हो गया है। इसीलिए मैंने महाराष्ट्र के राज्यपाल से मिलकर इस्तीफा सौंप दिया।"
उधर, कलमाडी ने भी इस्तीफा दे दिया। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों ने बताया कि कलमाडी से कहा गया था कि वह मंगलवार से आरंभ हुए संसद के शीतकालीन सत्र से पहले इस्तीफा दे दें। विपक्ष ने राष्ट्रमंडल खेलों में भ्रष्टाचार को लेकर संसद में हंगामे की योजना बनाई थी। कलमाडी भारतीय ओलम्पिक संघ (आईओए) के अध्यक्ष हैं और वह राष्ट्रमंडल खेलों की आयोजन समिति के भी प्रमुख हैं।
पार्टी प्रवक्ता जयंती नटराजन ने एक समाचार चैनल को बताया, "कलमाडी ने इस्तीफे की पेशकश की थी। उनके इस्तीफे को कांग्रेस से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।"
उधर, संसद के दोनों सदनों की मंगलवार सुबह कार्यवाही शुरू हुई। दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि देने के बाद राज्य सभा की कार्यवाही कल तक के लिए स्थगित कर दी गई। लेकिन लोकसभा में विपक्षी सदस्यों ने प्रश्नकाल स्थगित कर राष्ट्रमंडल खेलों, आदर्श सोसायटी और 2जी स्पेक्ट्रम घोटाले पर चर्चा की मांग की।
हंगामे और नारेबाजी के बीच अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा कि शून्य काल के तहत कोई भी मसला उठाया जा सकता है, जबकि संसदीय कार्य मंत्री पवन कुमार बंसल भ्रष्टाचार के मसले को जरूरी लोक महत्व के मामले के तहत उठाने पर सहमति दे दी।
इसके बाद प्रश्नकाल चला जिसमें देश में राजमार्गो की खराब स्थिति के बारे में सवाल पूछे गए। इस बारे में भूतल परिवहन मंत्री कमलनाथ ने कहा कि इस साल भारी बारिश के कारण सड़कों की स्थिति खराब हुई है।
प्रश्नकाल के बाद सांसदों ने फिर से भ्रष्टाचार के मसले उठाए और अध्यक्ष ने उन्हें अपनी बात रखने की अनुमति दे दी।
इस मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के नेता बसुदेब आचार्य ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) के सत्ता में आने के बाद एक के बाद एक लगातार घोटाले हो रहे हैं।"
आचार्य ने कहा, "2जी स्पेक्ट्रम आवंटन में घोटाला हुआ इसके बाद राष्ट्रमंडल खेलों में घोटाला हुआ और अब आदर्श कोऑपरेटिव हाउसिंग सोसाइटी घोटाला सामने आया है। इस घोटाले से पूरे देश का सिर शर्म से झुक गया है। यह घोटाला ऐसी सम्पत्तियों में हुआ है जो कि कारगिल युद्ध में जान गंवाने वाले शहीदों के परिजनों को दी जानी थीं।"
उन्होंने कहा, "आदर्श सोसायटी के फ्लैट कुछ रक्षा अधिकारियों के रिश्तेदारों और भाई-भतीजों को दिए गए जिनमें सेना के पूर्व प्रमुख भी शामिल हैं। यह कैसे हुआ? सभी नियमों का उल्लंघन किया गया।"
आचार्य ने कहा कि इस मामले में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री अशोक चव्हाण का इस्तीफा पर्याप्त कार्रवाई नहीं है।
लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने भी भ्रष्टाचार के मुद्दों पर सरकार को घेरा और इस मुद्दे पर बहस की मांग की। उन्होंने कहा कि हम सरकार और घोटालों का पूरा सच सामने लाना चाहते हैं।
उन्होंने कहा, "एक के बाद एक लगातार घोटाले हुए हैं। जब से संप्रग 2 सरकार सत्ता में आई है हमने कई घोटाले देखे हैं। मैं 2जी स्पेक्ट्रम, राष्ट्रमंडल खेल और आदर्श सोसायटी घोटाले का मुद्दा उठाना चाहती हूं लेकिन विश्वास कीजिए सरकार की सड़क विकास परियोजनाएं भी घोटालों से भरी हुई हैं। यह 2जी स्पेक्ट्रम, आदर्श सोसायटी और राष्ट्रमंडल खेल से बड़ा घोटाला है।"
जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव ने केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) पर अविश्वास जताते हुए भ्रष्टाचार के मामलों की जांच संयुक्त संसदीय समिति से कराने की मांग की।
कार्यवाही के दौरान विपक्षी सांसद सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते रहे। वे भ्रष्टाचार पर बहस की मांग कर रहे थे।
इस पर संसदीय कार्य मंत्री बंसल ने कहा कि सरकार इस मसले पर किसी भी समय चर्चा कराने के लिए तैयार है।
उन्होंने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि वह इस मसले पर फैसला लें और बताएं कि कब चर्चा करानी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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