असम हिंसा में मरने वालों की संख्या 20 हुई
इन हमलों की शुरुआत सोमवार शाम 5.30 बजे हुई थी। एनडीएफबी ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए अगले कुछ दिनों में और हिंसक हमले की चेतावनी दी है।
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने बताया, "मरने वालों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है जबकि एक व्यक्ति अब भी अस्तपाल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है। रातभर में सात अलग-अलग हमले हुए। आठ लोग घायल हैं।"
एक पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि मरने वालों में से 15 सोनितपुर जिले के थे। इनमें से एक महिला सहित आठ लोग बस यात्री थे।
इस बीच असम सरकार ने सुरक्षा चेतावनी जारी करते हुए सुरक्षा व्यवस्था में समन्वय की घोषणा की है।
गोगोई ने कहा, "हम आतंक से भयभीत नहीं हैं और सेना, पुलिस व अर्धसैनिक बल के जवानों ने पहले ही एनडीएफबी के गढ़ों पर भारी कार्रवाई शुरू कर दी है।"
सोमवार सुबह सोनितपुर जिले में एक मुठभेड़ के दौरान पुलिस द्वारा एडीएफबी के एक आतंकवादी को मार गिराए जाने के बाद हिंसा की यह घटना हुई है। अलगाववादियों ने 20 या इससे अधिक लोगों को मारने की धमकी दी थी और उन्होंने ऐसा ही किया।
एनडीएफबी के प्रवक्ता बी. सडबंग्सो ने एक अज्ञात स्थान से फोन पर आईएएनएस से कहा, "सोमवार को मुठभेड़ में मारे गए महेश बासुमतेरी को पुलिस एनडीएफबी आतंकवादी बता रही है जबकि वह एक निर्दोष बोडो जनजातीय नागरिक था और इसलिए हमने उसकी हत्या का प्रतिशोध लिया।"
उन्होंने कहा, "यदि सुरक्षा बल हमारे प्रति आक्रामक रवैया जारी रखते हैं तो हम और हिंसक हमलों की चेतावनी देते हैं।"
गौरतलब है कि एनडीएफबी ने एक नवंबर को चेतावनी दी थी कि सुरक्षा बलों द्वारा प्रत्येक बोडो व्यक्ति की हत्या किए जाने पर वह 20 या इससे अधिक लोगों की हत्या करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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