कैंसर रोगियों की उम्र बताएगा उपकरण
वैज्ञानिकों ने श्वसन, नाड़ी की धड़कन, वजन में गिरावट और रक्त कणिकाओं की मात्रा पर आधारित एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसे हाथ में आ जाने वाले उपकरण में भरा जा सकता है।
यह उपकरण कैंसर पीड़ितों को यह सुविधा प्रदान करेगा कि वे अपने जीवन के अंतिम चरण की योजना तैयार कर सकें। यात्रा के लिए समय निकाल सकें, मनचाहा बंदोबस्त कर सकें और अपने करीबियों को अंतिम नमस्कार बोल सकें।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक फिलहाल चिकित्सकों के लिए यह पता कर पाना कठिन होता है कि रोगी के पास कितना जीवन शेष है, क्योंकि कुछ लोगों में अन्य लोगों की बनिस्बत कैंसर बहुत तेजी के साथ फैलता है।
कभी-कभी चिकित्सक अति आशावान होते हैं और रोगियों से कहते हैं कि वे कई महीनों तक जीवित रह सकते हैं, लेकिन उसके बाद उनकी हालत तेजी के साथ बिगड़ने लगती है और कुछ ही सप्ताहों के भीतर उनका निधन हो जाता है।
लंदन में सेंट जार्ज अस्पताल और मैनचेस्टर युनिवर्सिटी में अनुसंधानकर्ताओं ने एक ऐसी तकनीक इजाद की है, जिससे किसी रोगी के श्वसन, नाड़ी की धड़कन, वजन में गिरावट और लाल व श्वेत रुधिर कणिकाओं की संख्या के आधार पर उसकी उम्र का सटीक पता लगाया जा सकेगा।
युनिवर्सिटी ऑफ मैनचेस्टर में प्रोफेसर क्रिस टोड ने कहा, "यह तकनीक रोगियों को यह तय करने में मदद देगी कि उन्हें कब अस्पताल में रहने की जरूरत होगी और कब घर पर देखभाल की जरूरत।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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