एक दूसरे की परिक्रमा करते दो तारों वाले तारामंडल की खोज
ये दोनों तारे लाल और सफेद बौने तारे हैं, जो एक दूसरे की परिक्रमा करते हैं और पृथ्वी से 1,670 प्रकाश वर्ष की दूरी पर स्थित हैं। इनका नाम एनएन सर्पेटिस रखा गया है।
ब्रिटेन के वारविक और शेफील्ड विश्वविद्यालयों के वैज्ञानिक इस खोजी दल के सदस्य थे।
समाचार पत्र डेली मेल में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक लाल और सफेद बौनों की जोड़ी वाला यह तारामंडल बिल्कुल निकट से एक दूसरे की परिक्रमा करते हैं।
पृथ्वी इन दोनों तारों की परिक्रमा पथ के सतह पर स्थित है, जिसके कारण हर तीन घंटे और सात मिनट पर लाल बौना तारा सफेद बौने तारे को ढकता हुआ नजर आता है। इससे वैज्ञानिक इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं कि इन तारों का परिक्रमा पथ आम तारों के परिक्रमा पथ से थोड़ा अलग है।
वैज्ञानिकों का अनुमान है कि दोनों तारों के गुरुत्वाकर्षण बल के कारण उनके परिक्रमा पथ में यह विचलन पैदा होता है।
सौभाग्य से पृथ्वी इन दोनों तोरों के परिक्रमा पथ की सतह पर स्थित है इसलिए लाल तारे द्वारा सफेद तारे को ढकने की प्रक्रिया को देखा जा सका।
लाल बौने तारे का द्रव्यमान बृहस्पति ग्रह से छह गुणा अधिक है और यह सफेद तारे की 15.5 साल में परिक्रमा करता है। वहीं सफेद तारे का द्रव्यमान बृहस्पति ग्रह से 1.6 गुणा अधिक है और 7.75 साल में लाल तारे की परिक्रमा करता है।
वारविक विश्वविद्यालय के भौतिक वैज्ञानिक प्रोफेसर टॉम मार्श ने कहा कि हालांकि दोनों तारों के द्रव्यमान में फर्क है लेकिन दोनों तारों का आकार लगभग बराबर ही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications