ओबामा के भारत दौरे पर व्हाइट हाउस ने तथ्य पत्र जारी किया
तथ्य पत्र में शामिल तथ्य कुछ इस तरह हैं :
निर्यात नियंत्रण :
मनमोहन सिंह और ओबामा चार हिस्सों वाले निर्यात नियंत्रण के एक कार्यक्रम को लागू करने पर सहमत हो गए हैं। इसमें बहुस्तरीय निर्यात नियंत्रण व्यवस्थाओं में भारत की सदस्यता का समर्थन, भारत की रक्षा और अंतरिक्ष सम्बंधी संस्थाओं को अमेरिकी 'इंटिटी लिस्ट' से हटाना, निर्यात लाइसेंसिंग नीति को पुनगर्ठित करना और निर्यात नियंत्रण सहयोग शामिल हैं।
एवरग्रीन रिवलूशन में साझेदारी : मनमोहन सिंह और ओबामा एवरग्रीन रिवलूशन के हिस्से के रूप में भारत में खाद्य सुरक्षा को बढ़ाने के लिए परिवर्तनकारी प्रौद्योगिकियों के विकास, परीक्षण और उनकी नकल करने के लिए काम करने हेतु राजी हुए हैं।
आतंकवाद से मुकाबले में सहयोग : वर्ष 2000 में आतंकवाद से मुकाबले पर पहली द्विपक्षीय चर्चा होने के बाद से ही आतंकवाद से मुकाबले में सहयोग अमेरिका-भारत सम्बंधों का एक स्तम्भ बन गया है।
असैन्य अंतरिक्ष सहयोग : ओबामा और मनमोहन सिंह अंतरिक्ष अनुसंधान, भू अवलोकन, तथा वैज्ञानिक शिक्षा सहित संयुक्त अमेरिका-भारत असैन्य अंतरिक्ष साझेदारी को बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं।
स्वच्छ ऊर्जा एवं जलवायु परिवर्तन : मनमोहन सिंह और ओबामा ने जलवायु परिवर्तन से निपटने, आपसी ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित कराने, और एक स्वच्छ ऊर्जा वाली अर्थव्यवस्था तैयार करने के लिए त्वरित कार्रवाई करने के अपने-अपने देश की मजबूत प्रतिबद्धता को दोहराई है।
साइबर सुरक्षा : साइबर सुरक्षा के महत्व को स्वीकार करते हुए अमेरिका और भारत साइबरस्पेस तक स्वतंत्र, निष्पक्ष व सुरक्षित पहुंच का लक्ष्य तथा एक विश्वसनीय सूचना एवं संचार अधोसंरचना को बढ़ावा देने के लिए एक साथ काम करने के प्रयासों को बढ़ा रहे हैं।
सीईओ फोरम : ओबामा ओर मनमोहन सिंह ने अमेरिका-भारत सीईओ फोरम के महत्व और उसकी सिफरिशों के क्रियान्वनय में हुई प्रगति को रेखांकित किया।
रक्षा सहयोग : अमेरिका-भारत के बीच रक्षा सम्बंध सेना-सेना के बीच सम्पर्को से आगे बढ़ कर एक परिपक्व साझेदारी की ओर बढ़ चला है।
अमेरिका-भारत आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी : अप्रैल 2010 में अमेरिका-भारत के बीच नई आर्थिक एवं वित्तीय साझेदारी शुरू होने के बाद से दोनों सरकारों ने आर्थिक एवं वित्तीय क्षेत्र के मुद्दों पर गहरे द्विपक्षीय सम्बंधों को प्रतिष्ठापित किया।
शिक्षा : ओबामा और मनमोहन सिंह एक विस्तृत, गतिशील, और व्यापक शिक्षा साझेदारी के प्रति बचनबद्ध हैं।
उद्यमी गोलमेज : इस आयोजन ने ओबामा को भारतीय उद्यमियों की अगली पीढ़ी से परिचय कराया और भारतीय और अमेरिकी व्यापार के बीच नई साझेदारियों का खाका प्रस्तुत किया।
राष्ट्रीय निर्यात पहल : राष्ट्रीय निर्यात पहल के हिस्से के रूप में ओबामा ने कहा कि भारत अपनी जोरदार आर्थिक वृद्धि के साथ और अपने विशाल और उभर रहे मध्य वर्ग के साथ अमेरिकी निर्यातों के लिए एक प्रमुख बाजार है।
अमेरिका में भारतीय निवेश : भारत-अमेरिका के बीच आर्थिक सम्बंधों को गहराने के साथ ही भारत से अमेरिका में होने वाले निवेश ने अमेरिकी अर्थव्यवस्था की वृद्धि और जीवंतता में तथा वहां रोजगार सृजन में योगदान किया है।
परमाणु सुरक्षा : अमेरिका और भारत ने एक आपसी समझौते पर हस्ताक्षर किया है, जो भारत के वैश्विक परमाणु ऊर्जा साझेदारी केंद्र के साथ काम करने में सहयोगी गतिविधियों के लिए एक सामान्य रूपरेखा मुहैया कराता है।
भारत-अमेरिका के गहराते रणनीतिक सम्बंध : मनमोहन सिंह और ओबामा ने रणनीतिक मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
अफगानिस्तान में भारत-अमेरिका विकास साझेदारी : ओबामा और मनमोहन सिंह ने अफगानिस्तान के लोगों को मदद करने के लिए मिल कर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
हवाई, समुद्री, और अंतरिक्ष अधिकार क्षेत्र की सुरक्षा : ओबामा और मनमोहन सिंह ने इस बात पर सहमति जताई है कि व्यापक रूप से आपस में जुड़ी हुई दुनिया में राष्ट्रीय अधिकार क्षेत्र के अलावा समुद्री, हवाई और अंतरिक्ष की भी सुरक्षा महत्वपूर्ण है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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