हेडली को लेकर स्पष्ट जानकारी नहीं थी : अमेरिकी खुफिया प्रमुख
वाशिंगटन, 9 नवंबर (आईएएनएस)। वर्ष 2008 के मुम्बई हमले से पूर्व पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी आतंकवादी डेविड हेडली के बारे में अमेकिरा, भारत को जानकारी इसलिए मुहैया नहीं करा पाया था, क्योंकि इस बारे में प्राप्त हुई जानकारी पर्याप्त रूप से विकसित नहीं हो पाई थी कि वह भारत में हमले की साजिश रच रहा था। यह बात अमेरिकी खुफिया प्रमुख जेम्स क्लेपर ने कही है।
अमेरिकी खुफिया एजेंसियों का बचाव करते हुए नेशनल इंटेलिजेंस के निदेशक क्लेपर ने सोमवार को स्वीकार किया कि अमेरिकी सरकार के पास हेडली के बारे में कुछ जानकारी थी। उस हेडली के बारे में, जिसने मुम्बई हमले की साजिश रचने में मदद देने की बात स्वीकार की है।
क्लेपर के कार्यालय से जारी हुए एक बयान में कहा गया है, "लेकिन यह पर्याप्त रूप से स्पष्ट नहीं हो पाया था कि वह भारत में किसी आतंकी हमले की साजिश में लिप्त था।"
हेडली एक पूर्व पाकिस्तानी राजनयिक और एक श्वेत अमेरिकी महिला की संतान है।
क्लेपर के कार्यालय ने कहा है कि अमेरिकी सरकार, मुम्बई पर हमला करने में आतंकियों के हित के बारे में भारत को जितना कुछ बता सकती थी, उतना बताई थी। यद्यपि हेडली वर्षो से खुफिया समुदाय के राडार पर भी रहा और एक समय उसने सरकारी जासूस के रूप में भी काम किया था।
लेकिन क्लेपर के बयान में कहा गया है, "समीक्षा से पता चला है कि अमेरिकी सरकार ने मुम्बई हमले के बाद 2009 तक, हेडली को आतंकवाद से नहीं जोड़ा था।"
बयान में कहा गया है, "यदि अमेरिकी सरकार इस बारे में पर्याप्त रूप से स्पष्ट हो गई होती कि हेडली भारत में एक आतंकी हमले की साजिश में लिप्त था, तो निश्चितरूप से यह जानकारी भारत सरकार को तत्काल मुहैया करा दी गई होती।"
बयान में कहा गया है, "समीक्षा में पाया गया है कि अमेरिका सरकार ने 2008 में जून और सितम्बर के बीच मुम्बई के कई स्थानों पर लश्कर-ए-तैयबा के खतरों से सम्बंधित रणनीतिक चेतावनियों से भारत सरकार को तुरंत अवगत कराया था।"
क्लेपर के बयान में आगे कहा गया है कि जब से क्रिसमस डे पर डेट्रॉइट को जाने वाले एक विमान में विस्फोट की कोशिश की गई थी, तभी से ओबामा प्रशासन ने सूचना आदान-प्रदान सुधारों पर ध्यान केंद्रित किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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