असम में हिंसा जारी, मरने वालों की संख्या 22 हुई (लीड-1)
प्रतिबंधित 'नेशनल डेमोक्रेटिक फ्रंट ऑफ बोडोलैंड' (एनडीएफबी) के आतंकवादियों ने मंगलवार दोपहर गुवाहाटी से 260 किलोमीटर दूर स्थित कोकराझार जिले के उल्टापानि गांव के नजदीक दो और लोगों पर हमला कर उनकी हत्या कर दी।
कोकराझार पुलिस प्रमुख पी. के. दत्ता ने फोन पर आईएएनएस को बताया, "हमले में दो गैर जनजातीय लोग मारे गए हैं। मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती है क्योंकि हमें कुछ और लोगों के घायल होने या मारे जाने की आशंका है।"
उन्होंने बताया, "जिस इलाके में यह घटना हुई वह भूटान सीमा के नजदीक घने जंगलों वाला क्षेत्र है। इसलिए इसकी सटीक जगह पता लगाना और मामले में अन्य जानकारियां इकट्ठा करना मुश्किल है।"
एनडीएफबी ने सोमवार शाम से ही बंद का आह्वान किया हुआ है। आठ अलग-अलग हमलों में 22 लोग मारे गए हैं और आठ घायल हुए हैं।
मुख्यमंत्री तरुण गोगोई का कहना है, "हम आतंक से भयभीत नहीं हैं और सेना, पुलिस व अर्धसैनिक बल के जवानों ने पहले ही एनडीएफबी के गढ़ों पर भारी कार्रवाई शुरू कर दी है।"
सोमवार सुबह सोनितपुर जिले में एक मुठभेड़ के दौरान पुलिस द्वारा एडीएफबी के एक आतंकवादी को मार गिराए जाने के बाद हिंसा की यह घटना हुई है। अलगाववादियों ने 20 या इससे अधिक लोगों को मारने की धमकी दी थी और उन्होंने ऐसा ही किया।
एनडीएफबी के प्रवक्ता बी. सडबंग्सो ने एक अज्ञात स्थान से फोन पर आईएएनएस से कहा, "सोमवार को मुठभेड़ में मारे गए महेश बासुमतेरी को पुलिस एनडीएफबी आतंकवादी बता रही है जबकि वह एक निर्दोष बोडो जनजातीय नागरिक था और इसलिए हमने उसकी हत्या का प्रतिशोध लिया।"
गौरतलब है कि एनडीएफबी ने एक नवंबर को चेतावनी दी थी कि सुरक्षा बलों द्वारा प्रत्येक बोडो व्यक्ति की हत्या किए जाने पर वह 20 या इससे अधिक लोगों की हत्या करेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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