लादेन के न पकड़े जाने का अफसोस : बुश
बुश ने अपने संस्मरण 'डिसीजन प्वाइंट्स' में यह बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर लादेन उनके कार्यकाल के भीतर पकड़ लिया गया होता और उसे उचित सजा मिल जाती तो वह मानते कि उनका काम पूरा हो गया, परंतु ऐसा न होना अफसोसनाक है।
स्थानीय समाचार पत्र 'द टेलीग्राफ' ने बुश के इस संस्मरण के कुछ अंश प्रकाशित किए गए हैं। इसके अनुसार बुश ने इस पुस्तक में इराक युद्ध और अफगानिस्तान युद्ध से जुड़े अपने फैसले का पूरा जिक्र किया है। लादेन के बारे में बुश कहते हैं, "लादेन को सजा दिलाने की मेरी इच्छा पूरी नहीं हो सकी। काश, ऐसा हुआ होता कि लादेन को हम पकड़ लेते। आज भी वह कहीं छिपा हुआ है। उसके पाकिस्तान की सीमा से लगे पहाड़ी इलाको में छिपे होने की बात की जाती है।"
बुश कहते हैं, "11 सितम्बर, 2001 को जब अमेरिका पर आतंकवादी हमला हुआ तो उससे मेरा खूान खौल गया। इस हमले के बाद अमेरिकी सुरक्षा एजेंसियों और उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के सुरक्षा बलों ने लादेन को पकड़ने की बहुत कोशिश की लेकिन उसे पकड़ा न जा सका। हम अमेरिका पर कोई और हमला करने से लादेन को रोकने में जरूर कामयाब रहे।"
गौरतलब है कि 9/11 के आतंकवादी हमले में हजारों लोग मारे गए थे। इसके तत्काल बाद बुश प्रशासन ने अफगानिस्तान पर हमला बोल तालिबान शासन को सत्ता से बेदखल कर दिया था। परंतु अमेरिकी और नाटो के सुरक्षा बल लादेन को अब तक नहीं पकड़ सके।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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