ओबामा यात्रा : ओबामा ने पूर्वाग्रह छोड़ने की अपील
राष्ट्रपति ओबामा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ एक संयुक्त पत्रकार सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उनसे पूछा गया था कि भारत को क्यों लक्ष्य बनाया जा रहा है, जबकि अमेरिका की नौकरियां चीन छीन रहा है।
राष्ट्रपति ने कहा कि आउटसोर्सिग के मसले पर दोनों देशों में पूर्वाग्रह से ग्रसित धारणा है जिसका कोई मतलब नहीं है।
उन्होंने शनिवार को दोनों देशों के बीच हुए 15 अरब डॉलर के सौदों की ओर इशारा करते हुए कहा कि इसी कारण वह इस सच्चाई को उजागर कर रहे हैं कि इन समझौतों से अमेरिकी नागरिकों के लिए 50 हजार नौकरियां पैदा होने जा रही है और यह कोई एक तरफा मार्ग नहीं है।
ठीक इसी तरह अमेरिका की उच्च प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने से भारत में भी सभी क्षेत्रों में विकास और रोजगार के अवसरों का सृजन होगा।
उन्होंने मुम्बई में कहा था कि अमेरिका में जहां वैश्वीकरण के कारण अनेक फैक्टरियां बंद हो गईं, वहीं वे भारत को कॉलसेंटर और बीपीओ की धरती मानते हैं, जो उनकी नौकरियां चुरा रहा है।
ओबामा ने इसके साथ ही कहा था कि ये पुरानी धारणाएं वर्तमान सच्चाई की अनदेखी करती हैं। आज दोनों देशों का व्यापार एकतरफा नहीं रहा है।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में ओबामा ने कहा, "जब कभी हमसे पूछा जाएगा कि भारतीय हमारी नौकरियां ले जा रहे हैं, तो मैं कहना चाहता हूं कि क्या आप जानते हैं कि उन्होंने हमारे लिए 50 हजार नौकरियां पैदा की हैं।"
इसी सवाल के जवाब में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत को काम की आउटसोर्सिग करने के कारण अमेरिकी कम्पनियां प्रतियोगिता में बनी रह सकीं, अपना उत्पादन भी बढ़ा सकीं और अपना विस्तार भी कर सकीं।
उन्होंने कहा कि जहां तक वे समझते हैं भारत अमेरिका से नौकरियां चुराने का कारोबार नहीं करता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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