छत्तीसगढ़ में ओबामा दौरे के विरोध में बंद शांतिपूर्ण (लीड-1)
अधिकारियों ने बताया कि नक्सलियों के बंद के कारण बसें नहीं चलीं। साथ ही कुछ राष्ट्रीय राजमार्ग और साप्ताहिक बाजारों में भी सन्नाटा छाया रहा।
नक्सल प्रभावित बस्तर इलाके के आंतरिक हिस्सों में वाहन सड़कों से नदारद रहे। वहीं साप्ताहिक बाजारों में आवश्यक वस्तुओं की खरीददारी के लिए इक्का-दुक्का लोग नजर आए।
यहां पुलिस मुख्यालय के एक अधिकारी ने कहा, "नक्सली हमलों की आशंका वाले इलाकों में सुरक्षा बलों की उपस्थिति बढ़ा दी गई है। राज्य के बस्तर क्षेत्र में प्रमुख सड़कों के अलावा पूर्वोत्तर रेलवे के तहत आने वाली रेल पटरियों पर गश्त बढ़ा दी गई है।"
प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने ओबामा के चार दिवसीय भारत दौरे के विरोध में रविवार की मध्यरात्रि से सोमवार मध्यरात्रि तक 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
अधिकारियों ने बताया कि राज्य के 18 में से नौ जिलों में नक्सलियों का प्रभाव ज्यादा है। इनमें से बीजापुर, दंतेवाड़ा, राजनंदगांव और नरायणपुर जिलों में बंद का असर ज्यादा रहा। दंतेवाड़ा में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 221 और बीजापुर में राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 16 पर बसें नहीं चलीं।
देश में छत्तीसगढ़ नक्सली हिंसा का मुख्य केंद्र माना जाता है, जहां पिछले एक दशक में 2,100 लोग मारे जा चुके हैं। इस वर्ष अप्रैल महीने में नक्सलियों ने यहां अब तक का सबसे बड़ा हमला किया था, जिसमें 76 सुरक्षाकर्मी शहीद हो गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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