मुम्बई हमले से शांति प्रयासों को आघात पहुंचा : जरदारी
मुम्बई हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कहा कि उनकी सरकार "इस आतंकी कार्रवाई के दोषियों को बेनकाब करने और उन्हें न्याय के कटघरे में खड़ा करने में सहयोग कर रही है।"
एसोसिएटेड प्रेस ऑफ पाकिस्तान (एपीपी) ने जरदारी के हवाले से कहा है, "भारत के साथ शांति बहाल करने के लिए हमारी लोकतांत्रिक सरकार लीक से हटकर प्रयास कर रही है। यदि हमारी पहलों का स्वागत किया गया होता और उस पर सकारात्मक तरीके से जवाब मिला होता तो यह बहुत मददगार रहा होता। मुम्बई हमले ने शांति प्रयासों को आघात पहुंचाया। पाकिस्तान इस आतंकी कार्रवाई के दोषियों को बेनकाब करने और उन्हें कानून के कटघरे में घड़ा करने में सहयोग कर रही है।"
जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान इस क्षेत्र और पूरी दुनिया में शांति बहाली के लिए तैयार है और भारत के साथ जल्द से जल्द समग्र बातचीत शुरू करना चाहता है।
गौरतलब है कि लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों ने 26-28 नवम्बर, 2008 को मुम्बई पर हमला किया था। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे।
जरदारी ने कहा कि पाकिस्तान किसी भी अन्य देश के खिलाफ अपनी धरती का इस्तेमाल करने की छूट आतंकवादियों को नहीं देगा।
जरदारी ने कहा कि आरोप-प्रत्यारोप से आतंकवाद के खिलाफ युद्ध का मकसद हल नहीं होने वाला है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अंतर्राष्ट्रीय समुदाय को आतंकवाद के खिलाफ हमारे दृढ़ निश्चय को समझना चाहिए और उसकी सराहना करनी चाहिए।
जरदारी ने ये टिप्पणी रविवार की रात यहां आयोजित एसएएफएमए (साउथ एशिया फ्री मीडिया एसोसिएशन) के चौथे राष्ट्रीय सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए की। सम्मेलन का शीर्षक था : "सेटिंग ए नेशनल एजेंडा ऑन मीडिया, डेमोक्रेसी एंड गुड गवर्नेस।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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