आंध्र में चक्रवाती तूफान का खतरा टला
मौसम विभाग अगले 12 घंटों के दौरान उत्तरी तमिलनाडु और पुडुचेरी के कुछ इलाकों में मूसलाधार बारिश होने की संभावना व्यक्त कर चुका है। इसके अलावा रायलसीमा और आंध्र प्रदेश के दक्षिण तटीय इलाकों के कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है।
मौसम विभाग की भविष्यवाणी को ध्यान में रखते हुए पिछले कुछ दिनों से हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था और सोमवार को नेल्लोर जिले में कालेजों और सरकारी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया था।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के मुताबिक आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र के ऊपर चक्रवाती तूफान का दबाव कम हो गया है और अब सोमवार को उसके उत्तर-पश्चिम क्षेत्र की तरफ बढ़ने की संभावना है।
तूफान का दबाव कम होने से नोल्लोर, प्रकासम, चित्तूर और उसके निकटवर्ती जिलों में भारी बारिश हुई तथा 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल रही हैं।
चक्रवाती तूफान 'जल' के कमजोर पड़ने से आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों ने राहत की सांस ली है। यहां पिछले सप्ताह से ही बारिश हो रही है जिसमें कम से कम 37 लोगों की मौत हो चुकी है और 300,000 हेक्टेयर फसल का नुकसान पहुंचा है।
मूसलाधार बारिश की वजह से रविवार को नेल्लोर जिले में 10 लोगों की मौत हो गई और तीन लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।
अधिकारियों ने नेल्लोर, प्रकासम, गुंटूर, कृष्णा और चित्तूर जिलों में 235 राहत शिविर स्थापित किए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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