'भारत में विलय' संबंधी बयान पर अफसोस नहीं : उमर
शीतकालीन 'दरबार' के जम्मू स्थानांतरण के बाद उमर ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "मैंने जो कुछ कहा है, उसका मुझे अफसोस नहीं है। विधानसभा में जो बात कही थी, मैं अब भी उस पर कायम हूं।"
उन्होंने कहा, "मैंने वही बात कही थी, जो ऐतिहासिक रूप से सही है।"
बयान के विरोध में प्रदर्शन के अह्वान पर मुख्यमंत्री ने आश्चर्य जताया और कहा, "विधानसभा में मेरे भाषण के दौरान कुछ लोग डेस्क थपथपा रहे थे।"
गौरतलब है कि उमर ने छह अक्टूबर को विधानसभा में कहा था, "जम्मू एवं कश्मीर कुछ खास परिस्थितियों के कारण भारत के साथ है और इसका भारत में विलय नहीं हुआ था।"
उमर के इस बयान के चलते राज्य और देश के अन्य हिस्सों में विवाद खड़ा हो गया। भाजपा ने इसे 'राष्ट्र विरोधी' करार दिया और मुख्यमंत्री को बर्खास्त करने की मांग की थी।
मुख्यमंत्री के बयान के विरोध में बंद के दौरान जम्मू शहर में सोमवार को सभी दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे और सड़कों से वाहन नदारद रहे।
जम्मू में बंद का आह्वान भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) समर्थित विभिन्नों संगठनों ने किया था।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष शमशेर सिंह मन्हास ने पत्रकारों से कहा, "बंद के आह्वान पर मिली प्रतिक्रिया से पता चलता है कि लोग मुख्यमंत्री के खिलाफ हैं। उन्हें तुरंत पद से हट जाना चाहिए।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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