भारत के 'रेस्क्यू फाउंडेशन' को ताइवानी पुरस्कार
ताइवान फाउंडेशन के चेयरमैन वांग जिन-प्यंग ने कहा कि रेस्क्यू फाउंडेशन पिछले कई सालों से दक्षिण एशिया में महिलाओं को अवैध खरीद-बिक्री और जबरन वैश्यावृत्ति से मुक्त करा रहा है और उन्हें फिर से समाज में बसाने में मदद कर रहा है।
उन्होंने कहा कि यह संस्था इन महिलाओं की एचआईवी जांच कराती है, रोजगार का प्रशिक्षण देती है और भावनात्मक सहारा प्रदान करती है।
पिछले आठ साल से काम करती हुई मुम्बई की इस संस्था ने हर साल करीब 300 महिलाओं को जबरन वैश्यावृत्ति से मुक्त कराया है।
ताइवान के राष्ट्रपति 10 दिसंबर को ताइपे में यह पुरस्कार प्रदान करेंगे। इसके तहत एक प्रतिमा और एक लाख डॉलर की राशि प्रदान की जाती है।
ताइवान फाउंडेशन फॉर डेमोक्रेसी ने एशिया में लोकतंत्र और आजादी को बढ़ावा देने के मकसद से 2006 में इस पुरस्कार की स्थापना की। हर साल 10 दिसंबर को अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार दिवस के अवसर पर यह पुरस्कार प्रदान किया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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