ओबामा यात्रा : खुद को खरीददारी से नहीं रोक सकीं मिशेल (लीड-1)
मिशेल सोमवार सुबह 10.45 बजे प्रगति मैदान परिसर स्थित राष्ट्रीय हस्तशिल्प एवं हथकरघा संग्रहालय पहुंचीं। वह करीब दो घंटे तक संग्रहालय में रहीं। वैसे उनके यहां रुकने का पूर्वनिर्धारित समय एक घंटा ही था।
संग्रहालय की निदेशक रुचिरा घोष ने उन्हें पारंपरिक परिधानों और ग्रामीण हस्तशिल्प व भारतीय कला से सजे गलियारों का भ्रमण कराया।
घोष ने कहा, "मिशेल भारतीय हस्तशिल्प से बहुत प्रभावित हुईं, वह संग्रहालय से बाहर नहीं जाना चाहती थीं। वह खरीददारी परिसर में पहुंची और उन्हें जो कुछ भी पसंद आया वह उन्होंने खरीद लिया।"
संग्रहालय में मौजूद लोगों ने बताया कि मिशेल ने कहा कि यदि वह अपने साथ और पैसा लाई होतीं तो वह और भी खरीददारी करतीं।
मिशेल ने खरीददारी करने के बाद कहा कि भारतीय शिल्प की वस्तुएं आने वाले क्रिसमस के लिए बेहतरीन उपहार हो सकती हैं।
वह महात्मा गांधी के समाधिस्थल, राजघाट के दर्शन के बाद आठ गाड़ियों के काफिले के साथ संग्रहालय पहुंची थीं जबकि अमेरिका राष्ट्रपति बराक ओबाम प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से बातचीत के लिए हैदराबाद हाउस पहुंचे थे।
उन्होंने संग्रहालय से चार कांथा चादरों, कच्छ के मोबाइल फोन बैग्स, कच्छ की गुड़ियाएं और एक गुजराती योगी थैले सहित कई वस्तुएं खरीदीं।
मिशेल ने कर्नाटक के लकड़ी के खिलौने, गणेश मूर्तियां, खिलौना रेलगाड़ी भी खरीदी। उन्होंने चावल के दानों से बने हाथी और पंखे भी खरीदे।
मिशेल अपने पति बराक ओबामा के साथ छह से नौ नवंबर तक कि भारत यात्रा पर आई हुई हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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