अमेरिका ने चेतावनी के बावजूद हेडली को पाकिस्तान भेजा था
समाचार पत्र 'द न्यूयार्क टाइम्स' ने खबर दी है कि अदालती दस्तावेजों और जांचों के अनुसार अल्पकालिक ड्रग तस्कर और जासूस, हेडली दिसम्बर 2001 में पाकिस्तान पहुंचा था और फरवरी 2002 में उसने जिहाद छेड़ने के लिए, साथ ही मुम्बई हमले में एक प्रमुख भूमिका निभाने के लिए आतंकियों के साथ प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया था।
अधिकारियों ने कहा कि अक्टूबर 2001 में प्राप्त हुई चेतावनी को एक ठुकराई गई प्रेमिका की नाराजगी मान ली गई थी और सबूत के अभाव में उस चेतावनी को खारिज कर दिया गया था।
नतीजा यह हुआ कि इस चेतावनी के एक महीने भी नहीं बीते थे कि न्यूयार्क में एक संघीय अदालत ने पाकिस्तानी मूल के अमेरिकी नागरिक हेडली को परिवीक्षा से रिहा कर दिया, ताकि उसे अमेरिकी ड्रग प्रवर्तन प्रशासन (डीईए) के लिए काम करने हेतु पाकिस्तान भेजा जा सके। लेकिन यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि हेडली को पाकिस्तान में अमेरिका के लिए क्या काम करने थे।
हेडली के पूर्व परिवीक्षा अधिकारी लुईज कैसो ने कहा, "हम जो कुछ जानते हैं, वह यह कि डीईए हेडली को जल्द से जल्द पाकिस्तान में तैनात करना चाहता था, क्योंकि उनका कहना है कि वे कुछ बड़े मामले बनाने के करीब थे।"
अमेरिका के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि जांच से यह निष्कर्ष सामने आया है कि जब सरकार को चेतावनी प्राप्त हुई थी तो उस पर कार्रवाई करने के लिए उस समय पर्याप्त पुख्ता सबूत उपलब्ध नहीं थे।
अधिकारी ने 'द टाइम्स' को एक बयान में बताया है, "यदि अमेरिकी सरकार को पर्याप्त रूप से इस बात की जानकारी मिल गई होती कि हेडली भारत में आतंकी हमले की साजिश में लिप्त है, तो निश्चितरूप से वह जानकारी भारत सरकार को मुहैया करा दी गई होती।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications