मानव त्वचा से बनाईं रक्त कोशिकाएं
टोरंटो, 8 नवंबर (आईएएनएस)। भारतीय मूल के एक कनाडाई शोधकर्ता व उनके दल ने मानव त्वचा से सफलतापूर्वक विभिन्न प्रकार की रक्त कोशिकाएं बनाकर चिकित्सा विज्ञान में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है।
इस शोध से रक्ताधान की आवश्यकता और रक्त संबंधी विभिन्न विकृतियों से पीड़ित मरीजों के इलाज की दिशा में एक क्रांतिकारी बदलाव आएगा।
हैमिल्टन स्थित कनाडा के मैकमास्टर विश्वविद्यालय के माइक भाटिया और उनके दल ने मानव त्वचा से सफलतापूर्वक लाल रक्त कोशिकाएं, दो प्रकार की प्रतिरोधक कोशिकाएं और प्लेटलेट्स (रक्त के थक्का बनने के लिए आवश्यक) बनाने वाली कोशिकाएं बनाई हैं।
भाटिया विश्वविद्यालय के 'स्टेम सेल एंड कैंसर रिसर्च इंस्टीट्यूट' के प्रमुख हैं। भाटिया कहते हैं कि उनके दल ने मानव त्वचा से ये कोशिकाएं बनाई हैं और वह जानते हैं कि ये किस तरह काम करती हैं। उन्हें विश्वास है कि इन कोशिकाओं की कार्यप्रणाली को और विकसित किया जा सकता है।
इससे रक्त कैंसर से पीड़ित मरीजों के इलाज की दिशा में मदद मिलेगी।
यह नई तकनीक भविष्य में रक्त बैंकों के बोझ को कम कर सकेगी क्योंकि इस प्रक्रिया से कथिततौर पर मरीज की ही त्वचा से रक्ताधान के लिए पर्याप्त रक्त बनाया जा सकेगा।
त्वचा से रक्त कोशिकाएं बनाने की दिशा में लोगों की उम्र कोई रुकावट नहीं है। भाटिया और उनके दल ने अपने प्रयोग में छह से 60 वर्ष आयु तक के लोगों की त्वचा से रक्त कोशिकाएं बनाई थीं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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