'अमेरिका ने भारत को दक्षिण एशिया की प्रमुख ताकत माना'
'डेली टाइम्स' ने मंगलवार को अपने संपादकीय में लिखा है, "सम्भवत: ओबामा उस तरह की गर्मजोशी और उत्साह नहीं पैदा कर पाए हैं, जो राष्ट्रपति जार्ज बुश के 2006 में भारत दौरे समय देखने को मिला था। लेकिन ओबामा द्वारा अपनी एशिया यात्रा की शुरुआत भारत से करना और भारत के एक प्रमुख व्यापारिक साझेदार बनने की सम्भावना को रेखांकित करना, भारत के प्रति अमेरिका के आदर और दक्षिण एशिया में उसकी भूमिका को एक प्रमुख ताकत के रूप में स्वीकार करने का हिस्सा है।"
संपादकीय में लिखा गया है, "ऐसे समय में जब अमेरिका आर्थिक स्वास्थ्य हासिल करने की कोशिश में एक कठिन दौर से गुजर रहा है और मध्यावधि चुनाव में रिपब्लिकनों ने अभूतपूर्व सफलता दर्ज कराई है, राष्ट्रपति ओबामा भारत के साथ व्यापक आर्थिक सहयोग की संभावनाएं तलाश रहे हैं और उन्हें आशा है कि इससे अमेरिका में अधिक रोजगार पैदा होगा।"
बराक ओबाम अपनी पत्नी मिशेल और शीर्ष अधिकारियों के साथ शनिवार को मुम्बई पहुंचे और रविवार को वह वहां से नई दिल्ली पहुंचे। नई दिल्ली में सोमवार को प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के साथ बातचीत सहित ओबामा का व्यस्त कार्यक्रम है। मंगलवार को वह इंडोनेशिया के लिए रवाना हो जाएंगे।
सम्पादकीय में कहा गया है कि ओबामा के दौरे का एजेंडा जितना अमेरिकी जनता के प्रति केंद्रित है, उतना ही मेजबान भारत के प्रति।
सम्पादकीय में लिखा है, "जहां घोषित सौदों में ज्यादातर असैन्य बिक्री और व्यापार क्षेत्र शामिल हैं, वहीं अमेरिका अपने सैन्य उपकरण भी भारत को बेचना चाहता है। भारत अतीत में भारी हथियारों के लिए सोवियत संघ और बाद में रूस पर अधिक निर्भर रहा है।"
सम्पादकीय में आगे लिखा है, "यदि भारत अमेरिका से भारी सैन्य उपकरण खरीदने के लिए राजी हो जाता है तो इससे अमेरिकी अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहन मिलेगा। "
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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