ओबामा यात्रा : गांव में प्रौद्योगिकी प्रसार से प्रभावित हुए ओबामा
सेंट जेवियर्स कॉलेज में छात्रों से रूबरू होने से पहले ओबामा ने वीडियो कांफ्रेंसिग के जरिए राजस्थान स्थित अजमेर के कानपुरा ग्रामीणों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि भारत के गांवों में सूचना प्रौद्योगिकी ने जिस तरह से क्रांति लाई है, उसे देखकर वह आश्चर्यचकित हैं।
उन्होंने कहा कि यह काफी संतोषजनक है कि प्रौद्योगिकी के जरिए ग्रामीण अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय सरकारी प्रशासन से बातचीत करते हैं। साथ ही वे टेली मेडिसीन और ई एजुकेशन की सुविधाएं भी प्राप्त कर रहे हैं।
राष्ट्रपति ने वर्ष 1970 में भारत में हुई हरित क्रांति के लिए भारत और अमेरिकी सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच इस क्षेत्र की ज्यादातर नई प्रौद्योगिकी का विकास सरकारी और निजी सहयोग के चलते हुआ है।
सेंट जेविर्यस कॉलेज में राष्ट्रपति के साथ प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के सलाहकार सैम पित्रोदा भी मौजूद थे। पित्रोदा के ही देखरेख में 'ओपन गवर्नमेंट एंड सिटिजन इनगेजमेंट प्रोग्राम' की शुरुआत की गई है। उन्होंने राष्ट्रपति को इस परियोजना के बारे में जानकारी दी।
उधर, कानपुरा में ग्रामीणों के साथ केंद्रीय संचार राज्य मंत्री सचिन पायलट भी मौजूद थे। पायलट परियोजना के तहत यह गांव फाइबर आप्टिक नेटवर्क से जुड़ जाने से ग्रामीण भूमि के दस्तावेज और जन्म प्रमाणपत्र ऑनलाइन प्राप्त करते हैं। गांव के मुखिया जगदीश बैड़वा (26) के पास इंजीनियरिंग की उपाधि है।
पित्रोदा ने ओबामा को बताया कि 1.17 अरब की आबादी वाले भारत में 70 करोड़ लोगों के पास मोबाइल फोन है और 2012 तक 250,000 ग्रामीण निकायों तक ब्राडबैंड की सुविधा पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है।
उन्होंने कहा कि यह सुविधा ग्रामीण लोगों को पहले से ज्यादा सशक्त बनाएगी। पित्रोदा ने कहा कि इसके साथ ही करीब 100,000 अनुसंधान संस्थाओं को आपस में जोड़ने की योजना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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