ओबामा यात्रा : मनमोहन-ओबामा की बातचीत के लिए मंच तैयार (लीड-2)

ओबामा और मिशेल आज दिन में 3.30 बजे दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे। हवाई अड्डे पर उनकी अगवानी के लिए प्रधानमंत्री के अलावा केंद्रीय मंत्री सलमान खुर्शीद, विदेश सचिव निरुपमा राव, अमेरिकी राजदूत टिमोथी जे. रोमर और दूसरे गणमान्य लोग मौजूद थे।

अपने विशेष विमान एयरफोर्स वन से उतरते ही ओबामा प्रधानमंत्री से गले मिले। फिर दोनों नेता ने बड़ी गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया। इसके बाद ओबामा अमेरिकी राजदूत के साथ अमेरिकी राजदूत के निवास रूजवेल्ट हाउस गए।

ऐसा अक्सर नहीं होता कि प्रधानमंत्री हर किसी विदेशी नेता की अगवानी करने के लिए प्रोटोकाल तोड़ कर हवाईअड्डे पर जाएं। लेकिन मनमोहन सिंह ओबामा के लिए स्वयं हवाईअड्डे पर गए और व्यक्तिगत रूप से उनका स्वागत किया। पिछले छह सालों के दौरान मनमोहन सिंह ने ऐसा केवल 2006 में तत्कालीन राष्ट्रपति जार्ज बुश के लिए किया था। बुश के साथ ही सिंह ने ऐतिहासिक परमाणु करार किया था। इसके अलावा सऊदी के शाह किंग अब्दुल्ला के लिए भी सिंह हवाई अड्डे पर गए थे।

ओबामा और सिंह के बीच मधुर संबंध की स्पष्ट झलक दिल्ली हवाई अड्डे पर दिखी। विमान से उतरते ही ओबामा और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ऐसे गले मिले मानो वे दोनों लम्बे समय बाद मिले हों।

अपने विशेष विमान एयरफोर्स वन से उतरते ही ओबामा प्रधानमंत्री से गले मिले। फिर दोनों नेताओं ने बड़ी गर्मजोशी के साथ हाथ मिलाया।

हवाई अड्डे पर दोनों नेताओं का मिलना न सिर्फ राजनयिक बल्कि सामाजिक स्तर पर वाकई दर्शनीय था। इस तरह दो राष्ट्राध्यक्षों को मुस्कराते हुए गले मिलते हुए विरले ही देखा जाता है। ओबामा का अपने दोस्त मनमोहन को यहां देखकर प्रफुल्लित होना लाजिमी था, क्योंकि प्रधानमंत्री प्रोटोकॉल से जुड़ी परम्परा की परवाह किए बगैर खुद हवाई अड्डे पर मौजूद थे।

अमेरिकी राष्ट्रपति का दिल्ली में बहुत व्यस्त कार्यक्रम है। दिल्ली पहुंचने के बाद वह अमेरिकी राजदूत के आवास रूजवेल्ट हाउस गए। वहां उन्होंने दूतावास के कर्मचारियों से मुलाकात की। वहां से वह सीधे ऐतिहासिक हुमायूं का मकबरा देखने गए। इसके बाद वह होटल मौर्या शेरेटन पहुंचे। इसके बाद वह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के आवास पर एक निजी रात्रिभोज में शामिल होंगे।

16वीं सदी में निर्मित इस वैश्विक धरोहर को आगरा स्थित ताज महल का प्रतिरूप बताया जाता है।

ओबामा अपनी पत्नी मिशेल सहित शाम लगभग पांच बजे इस स्थल पर पहुंचे। सुरक्षा की दृष्टि से मकबरा परिसर को किले में तब्दील कर दिया गया था। आम जनता का प्रवेश रोक दिया गया था।

इस मकबरे का निर्माण दूसरे मुगल बादशाह हुमायूं की स्मृति में उनकी बेगम ने 16वीं सदी में कराया था।

ओबामा दम्पति ने परिसर के जीर्णोद्धार में जुटे बच्चों के साथ भी बातचीत की।

मनमोहन और ओबामा के बीच सोमवार की बातचीत के लिए मंच तैयार हो चुका है। इस बातचीत में दुनिया की दो बड़े लोकतंत्रों के बीच 21वीं सदी की साझेदारी के लिए एक नमूना तैयार होने की उम्मीद है।

ओबामा के राष्ट्रपति बनने के बाद से दोनों नेताओं के बीच यह छठीं मुलाकात है।

सोमवार को ओबामा सबसे पहले राजघाट जाकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे। इसके बाद ओबामा प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से मुलाकात करेंगे और फिर दोनों एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करेंगे। अपने सम्मान में आयोजित भोज से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति भारतीय संसद को भी संबोधित करेंगे। इसके बाद वह इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता के लिए रवाना होंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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