ओबामा यात्रा : अफगानिस्तान में भारत की भूमिका सराहनीय, स्थिर पाकिस्तान जरूरत (राउंडअप)
एक स्थिर और समृद्ध पाकिस्तान को भारत के हित में बताते हुए यहां सेंट जेवियर्स कॉलेज में सैकड़ों विद्यार्थियों को सम्बोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत की भूमिका अंतर्राष्ट्रीय स्तर अब बहुत महत्वपूर्ण हो चुकी है और अमेरिका इसे अच्छी तरह समझता है।
अपने 24 घंटे के मुम्बई प्रवास की अंतिम घड़ी में ओबामा ने कहा, "लोग कहते हैं कि भारत एक ताकत के रूप में उभर रहा है। परंतु मेरा मानना है कि भारत पहले ही क्षेत्रीय और वैश्विक स्तर पर एक शक्ति के रूप में उभर चुका है। भारत का उभरना अमेरिका के साथ-साथ पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है।"
भारत-अमेरिका संबंधों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा, "अमेरिका और भारत के रिश्ते 21वीं सदी को नई दिशा देने के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दोनों के बीच व्यापार, निवेश, आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई, सूचना प्रौद्योगिकी, कृषि और कई क्षेत्रो में साझेदारी बढ़ी है। दोनों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ने से भारतीयों और अमेरिकियों दोनों को लाभ होगा। मेरा मानना है कि भारत और अमेरिका के हित और विकास एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं।"
पाकिस्तान में शांति और स्थिरता जरूरी :
ओबामा ने कहा कि पाकिस्तान में शांति और स्थिरता भारत के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। उन्होंने कहा कि पड़ोसी देशों में समृद्धि भारत के हित में है। एक छात्रा के सवाल के जवाब में ओबामा ने कहा, "पाकिस्तान में बहुत क्षमता है। परंतु वहां के कई इलाकों में आतंकवाद पसरा हुआ है। हम इसे एक तरह का कैंसर मानते हैं। यह पाकिस्तान को नुकसान पहुंचा रहा है। इसके साथ ही हम यह मानते हैं कि पाकिस्तानी सरकार इस बात को अच्छी तरह समझती है।"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तानी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कदम उठाए हैं। अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तानी सेना ने कार्रवाई की है। परंतु उम्मीदों के मुताबिक नहीं है। उम्मीद की जानी चाहिए कि पाकिस्तानी सरकार पहले से अधिक ठोस कदम उठाएगी।"
ओबामा ने कहा, "पाकिस्तान सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। हमारा मानना है कि पाकिस्तान में स्थिरता और शांति सबसे ज्यादा भारत के लिए जरूरी है। इस क्षेत्र में शांति भारत के हित से जुड़ी है।"
अफगानिस्तान में भारत की भूमिका की सराहना :
राष्ट्रपति ने हिंसाग्रस्त अफगानिस्तान के पुर्निर्माण में भारत की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि वहां से अमेरिकी सैनिकों की वापसी अगले वर्ष जुलाई से आरंभ हो जाएगी, लेकिन अफगानिस्तानी सुरक्षा बलों को सही ढंग से विकसित होने के लिए अभी कुछ और वक्त लगेगा।
ओबामा ने कहा, "मैं पहले ही कह चुका हूं कि जुलाई, 2011 से हम सैनिकों को अफगानिस्तान से हटाना शुरू कर देंगे। परंतु हम सभी सैनिक अभी नहीं हटाएंगे। हमने वहां बहुत कुछ ठीक किया है। हम फिर से उसी हालत में नहीं जाना चाहते जो कुछ साल पहले था।"
इस्लाम महान धर्म है :
इस्लाम और जेहाद से जुड़े सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि इस्लाम एक महान धर्म है, लेकिन उन लोगों को अलग-थलग करने की आवश्यकता है, जिन्होंने इसे विकृत बना दिया है।
उन्होंने कहा, "हम इस महान धर्म को पहचानते हैं.. यह महान धर्म कुछ कट्टरपंथियों के हाथों जाकर विकृत हो गया है..हमारे सामने जो चुनौतियां हैं, उनमें एक यह है कि हम उन लोगों को कैसे अलग-थलग करें, जिन्होंने इस्लाम के दर्शन को दूषित कर दिया है। भारत में और दुनिया भर में यह एक बड़ी चुनौती है।"
ओबामा ने कहा, "जेहाद के ढेर सारे अर्थ हैं.. लेकिन यह ढेर सारी व्याख्याओं का विषय है। दुनिया में एक अरब से अधिक लोग इस्लाम को मानते हैं। यह एक महान धर्म है और यह शांति, न्याय, ईमानदारी और सहिष्णुता का संदेश देता है।"
गरीबी मिटाने के लिए युवा जन सेवा से जुड़ें :
उन्होंने गरीबी मिटाने के लिए आर्थिक विकास की जरूरत पर जोर देते हुए युवाओं को जन सेवा से जुड़ने के लिए कहा। उन्होंने कहा, "उदारवादी अर्थव्यवस्था दोनों देशों के लिए कितनी फायदेमंद हो सकती है, हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।"
एक प्रश्न के जवाब में राष्ट्रपति ने कहा, "मैं नहीं चाहता कि कोई युवा व्यक्ति उपेक्षित हो। स्वस्थ भौतिकवाद अच्छा है। लेकिन यदि आप सभी भौतिक उपलब्धि के बारे में सोच रहे हैं तो यह महत्वाकांक्षा की गरीबी है।"
गरीबी मिटाने के ओबामा के सुझाव की तरह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कुछ इसी तरह के विचार व्यक्त कर चुके हैं। प्रधानमंत्री भी मानते हैं, "गरीबी मिटाने में विकास को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।"
ओबामा ने समुदाय कर्मचारी के रूप में अपने दिनों को याद करते हुए कहा, "भूखे पेट को उपदेश देना कठिन काम है। यदि लोगों को घर, भोजन और कपड़े की जरूरत है तो उन्हें यह सब मिलना चाहिए।"
ओबामा ने कहा, "मैं समझता हूं कि भारत और अमेरिका में दोनों जगह चुनावी राजनीति के बारे में एक स्वस्थ अनिश्चितता की स्थिति है। भारत में कुछ मामलों में निजी क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र से अधिक तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। मैं आशा करता हूं कि आप में से कुछ लोग सार्वजनिक सेवा से जुड़ेंगे।"
बच्चों संग थिरके ओबामा :
ओबामा और उनकी पत्नी मिशेल शनिवार को मुम्बई पहुंचे थे। रविवार को तय कार्यक्रम के अनुसार ओबामा दंपति मुम्बई के होलीनेम स्कूल पहुंचा जहां बच्चों ने रंगारंग कार्यक्रम पेश किया। कोली नृत्य कर रहे नन्हे-मुन्नों को देख मिशेल भी थिरकीं। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति भी झूमने से खुद को नहीं रोक सके। मिशेल बच्चों के साथ बेहद खुश नजर आ रही थीं। वह शनिवार को भी 'रंग दे बसंती' की धून पर जमकर थिरकी थीं। मुम्बई में कई कार्यक्रमों में शिरकत करने के बाद दोनों दिल्ली रवाना हो गए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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