कुशल श्रमिकों के अभाव से जूझ रहा इंडियन इंक
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैम्बर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) और 'सीवोटर' की ओर से कराए गए सर्वेक्षण में कहा गया है, "भारत में स्नातकों की रोजगारपरकता का भागफल इस वास्तविकता का खुलासा करता है कि अगली पीढ़ी कॉरपोरेट क्षेत्र में प्रबंधन की जिम्मेदारियों को निभाने को लेकर बुरी तरह अकुशल और व्यावसायिक प्रशिक्षण से दूर होगी।"
भारत में स्नातकों की रोजगारपरकता पर किए इस सर्वेक्षण में पाया गया है कि 10 में से मात्र तीन ऐसे नियोक्ता हैं जो पिछले एक साल से अपनी नए कर्मचारियों से संतुष्ट हैं।
नियोक्ताओं ने कहा है कि नए स्नातकों में विश्वनीयता, ईमानदारी, आत्म प्रेरणा, स्वानुशासन और अन्य कर्मचारियों के प्रति सहानुभूति तथा प्रबंधन का अभाव है।
सर्वेक्षण में भाग लेने वाले 19 प्रतिशत लोगों का मानना है कि स्वनुशासन ऐसा मजबूत गुण है, जो हर कर्मचारी में होना चाहिए। जबकि 60 प्रतिशत ने कहा कि उनके मौजूदा कर्मचारी स्वनुशासित हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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