ओबामा यात्रा : गरीबी मिटाने के लिए विकास पर जोर
ओबामा सेंट जेवियर्स कॉलेज में करीब 300 विद्यार्थियों के साथ बातचीत कर रहे थे। उनके साथ उनकी पत्नी मिशेल ओबामा भी थीं। उन्होंने कहा, "उदारवादी अर्थव्यवस्था दोनों देशों के लिए कितनी फायदेमंद हो सकती है, हम इसे नजरअंदाज नहीं कर सकते।"
एक प्रश्न के जवाब में राष्ट्रपति ने कहा, "मैं नहीं चाहता कि कोई युवा व्यक्ति उपेक्षित हो। स्वस्थ भौतिकवाद अच्छा है। लेकिन यदि आप सभी भौतिक उपलब्धि के बारे में सोच रहे हैं तो यह महत्वाकांक्षा की गरीबी है।"
गरीबी मिटाने के ओबामा के सुझाव की तरह प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी कुछ इसी तरह के विचार व्यक्त कर चुके हैं। प्रधानमंत्री भी मानते हैं, "गरीबी मिटाने में विकास को एक साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है।"
ओबामा ने समुदाय कर्मचारी के रूप में अपने दिनों को याद करते हुए कहा, "भूखे पेट को उपदेश देना कठिन काम है। यदि लोगों को घर, भोजन और कपड़े की जरूरत है तो उन्हें यह सब मिलना चाहिए।"
ओबामा ने कहा, "मैं समझता हूं कि भारत और अमेरिका में दोनों जगह चुनावी राजनीति के बारे में एक स्वस्थ अनिश्चितता की स्थिति है। भारत में कुछ मामलों में निजी क्षेत्र, सार्वजनिक क्षेत्र से अधिक तेजी के साथ आगे बढ़ रहा है। मैं आशा करता हूं कि आप में से कुछ लोग सार्वजनिक सेवा से जुड़ेंगे।"
ओबामा ने कहा, "लेकिन भारत को आपकी जरूरत सिर्फ व्यापारी के रूप में नहीं होगी, बल्कि एक नेता के रूप में भी, जिससे कि सरकार अधिक जिम्मेदार और महत्वपूर्ण बनेगी।"
राष्ट्रपति ने दोनों देशों के कृषि वैज्ञानिकों के बीच सहयोग बढ़ाने का आह्वान किया। ओबामा ने कहा कि उन्होंने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए भ्रष्टाचार से लड़ने वाले ग्रामीणों से बातें की हैं। इस तरह की सुविधाएं पूरे विश्व में होनी चाहिए, जिससे कि सरकारें जनता के प्रति जिम्मेदार रहें। उन्होंने कहा कि शाश्वत मानव अधिकारों के बारे में जरूर बात करनी चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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