ओबामा यात्रा : भारत-पाक के बीच वार्ता में हिस्सा बनने से इंकार
ओबामा ने यहां सेंट जेवियर्स कॉलेज में विद्यार्थियों के साथ बातचीत में कहा, "जाहिर है कि भारत और पाकिस्तान के बीच का इतिहास बहुत जटिल है और यह त्रासदी और हिंसा से पैदा हुआ है। यह आश्चर्यजनक हो सकता है, लेकिन मुझे पूरा भरोसा है कि जिस देश की पाकिस्तान की सफलता में सबसे बड़ा हित है, वह भारत है।"
ओबामा ने कहा, "यदि पाकिस्तान अस्थिर है तो यह भारत के लिए बुरा है। यदि पाकिस्तान स्थिर और समृद्ध है तो यह भारत के लिए अच्छा है, क्योंकि भारत प्रगति पर है।" उन्होंने कहा कि ऐसे समय में जब भारत वैश्विक आर्थिक मंच की ओर बढ़ रहा है, तो इस क्षेत्र से असुरक्षा की चिंता समाप्त होना भारत के हित में है।
संयोगवश जब ओबामा से पाकिस्तान पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा, "मुझे इसकी उम्मीद थी।"
एक विद्यार्थी ने जब उनसे पूछा कि पाकिस्तान को आतंकी देश क्यों नहीं घोषित किया गया, ओबामा ने कहा कि पाकिस्तान एक विशाल देश है, जोकि सिर्फ हमारे लिए ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है।
ओबामा ने कहा, "पाकिस्तान में बहुत क्षमता है। परंतु वहां के कई इलाकों में आतंकवाद पसरा हुआ है। हम इसे एक तरह का कैंसर मानते हैं। हम इस कैंसर के खात्मे के लिए पाकिस्तान के साथ मिलकर काम करेंगे। इसके साथ ही हम यह मानते हैं कि पाकिस्तान सरकार अपने देश में स्थित इस खतरे को अच्छी तरह समझती है।"
उन्होंने कहा, "पाकिस्तानी सरकार ने आतंकवाद के खिलाफ कदम उठाए हैं। अफगानिस्तान की सीमा से लगे इलाकों में आतंकवाद के खिलाफ पाकिस्तानी सेना ने कार्रवाई की है। परंतु उम्मीदों के मुताबिक नहीं है। उम्मीद की जानी चाहिए की पाकिस्तानी सरकार पहले से अधिक ठोस कदम उठाएगी।"
ओबामा ने कहा, "पाकिस्तान सामरिक रूप से महत्वपूर्ण है। यह सिर्फ अमेरिका के लिए नहीं, बल्कि पूरी दुनिया के लिए महत्वपूर्ण है। हमारा मानना है कि पाकिस्तान में स्थिरता और शांति सबसे ज्यादा भारत के लिए जरूरी है। इस क्षेत्र में शांति भारत के हित से जुड़ी है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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