वाघा पर आक्रामक मार्चिग रोकने से पाकिस्तान का इंकार
इस्लामाबाद, 7 नवंबर (आईएएनएस)। इस्लमाबाद ने भारत व पाकिस्तान के बीच वाघा सीमा चौकी पर फ्लैग लोवरिंग समारोह के दौरान आक्रामक मार्च पास्ट को रोके जाने के सुझाव को खारिज कर दिया है। यह जानकारी एक मीडिया रिपोर्ट में रविवार को दी गई है।
समाचार पत्र 'एक्सप्रेस ट्रिब्यून' ने रविवार को खबर दी है कि पाकिस्तान रेंजर्स के महानिदेशक (पंजाब) मेजर जनरल मुहम्मद याकूब अली खान ने कहा है कि परेड अपनी पारम्परिक आक्रामक शैली में जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के सैनिकों के बीच हाथ मिलाने की परम्परा जारी रहेगी।
आक्रामक मार्चिग को जारी रखने का यह निर्णय ऐसे समय में सामने आया है, जब मुश्किल से एक सप्ताह पहले ही भारतीय और पाकिस्तानी अधिकारियों ने इस दिखावटी समारोह को बंद करने पर सहमति जताई थी।
भारतीय सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के महानिदेशक रमन श्रीवास्तव और खान के बीच पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की राजधानी लाहौर में हुई बैठक के बाद 30 अक्टूबर को सहमति के इस निर्णय पर पहुंचा गया था।
खान ने कहा था, "हमने फ्लैग लोवरिंग समारोह से आंखों में आंखें डालकर एक-दूसरे को देखने, बूट पटकने और अन्य तरह की आक्रामक गतिविधियों को बंद करने का निर्णय लिया है।"
एक अधिकारी ने कहा था, "फ्लैग लोवरिंग समारोह में हिस्सा लेने वाले जवान अब से सही तरीके से हाथ मिलाएंगे।"
फ्लैग लोवरिंग समारोह की मौजूदा शैली की शुरुआत वाघा सीमा पर 1960 में हुई थी।
रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों अधिकारियों ने कैदियों को रिहा करने का भी निर्णय लिया था। उन्होंने अपनी-अपनी सरकारों से दोनों तरफ कैद मछुआरों को रिहा करने का आग्रह करने पर सहमति जताई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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